नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि उसने अप्रैल 2026 में अपने ‘सिटिजन चार्टर’ के तहत मिले 99.7 प्रतिशत आवेदनों का निपटान निर्धारित समयसीमा के भीतर किया।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि अप्रैल के दौरान कुल 21,150 आवेदनों का निपटारा किया गया। इनमें महीने की शुरुआत में लंबित 3,452 आवेदन और 18,270 नए आवेदन शामिल थे।
अतिरिक्त जानकारी के लिए 572 मामलों को आवेदकों को वापस भेजा गया, जिसके बाद प्रसंस्करण के लिए शुद्ध आवेदन संख्या 21,150 रही।
इनमें से 18,677 आवेदनों का निपटान अप्रैल में किया गया, जिनमें 18,622 मामले (99.7 प्रतिशत) तय समयसीमा के भीतर जबकि 55 मामले (0.3 प्रतिशत) समयसीमा से बाहर निपटाए गए।
महीने के अंत में 2,473 आवेदन लंबित रहे, जिनमें 2,458 मामले (99.4 प्रतिशत) अभी भी समयसीमा के भीतर थे, जबकि 15 मामले (0.6 प्रतिशत) समयसीमा से आगे निकल चुके थे। आरबीआई ने बताया कि ये 15 मामले बाहरी एजेंसियों से जानकारी मिलने की प्रतीक्षा में थे।
कार्यवार आंकड़ों के मुताबिक, ‘बैंकर टू बैंक्स एंड गवर्नमेंट्स’ और ‘मुद्रा प्रबंधन’ श्रेणियों में सबसे अधिक आवेदन आए। ‘बैंकर टू बैंक्स एंड गवर्नमेंट्स’ श्रेणी के तहत सभी 8,384 आवेदन समयसीमा के भीतर निपटाए गए।
वहीं ‘मुद्रा प्रबंधन’ श्रेणी में 7,542 आवेदन समय पर जबकि 25 देरी से निपटाए गए और 676 मामले समयसीमा के भीतर लंबित रहे।
‘विदेशी विनिमय प्रबंधन’ श्रेणी में 1,310 आवेदन समय पर और 15 देरी से निपटाए गए, जबकि 961 मामले समयसीमा के भीतर और 14 समयसीमा से बाहर लंबित रहे।
‘विनियमन और पर्यवेक्षण’ के तहत 556 आवेदन समय पर और 11 देरी से निपटाए गए, जबकि 677 मामले समयसीमा के भीतर लंबित रहे।
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