नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए समग्र बेरोजगारी दर जनवरी से दिसंबर 2025 के दौरान मामूली घटकर 3.1 प्रतिशत रह गई, जो एक वर्ष पहले 3.2 प्रतिशत थी।
सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) 2025 में कहा गया कि बेरोजगारी दर के अनुमान विभिन्न क्षेत्रों और स्त्री एवं पुरुष में बेरोजगारी कम करने की दिशा में निरंतर प्रगति का संकेत देते हैं।
सर्वेक्षण के अनुसार देश में महिलाओं की बेरोजगारी दर 2025 में 3.1 प्रतिशत पर ही बनी रही, जो एक वर्ष पहले के स्तर के बराबर है। वहीं पुरुषों के लिए यह 2025 में 3.3 प्रतिशत से घटकर 3.1 प्रतिशत हो गई।
इसमें कहा गया कि 2025 में ग्रामीण बेरोजगारी दर 2.4 प्रतिशत रही, जो एक वर्ष पहले 2.5 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला बेरोजगारी दर 2.1 प्रतिशत रही, जो पुरुषों की बेरोजगारी दर (2.6 प्रतिशत) से कम है।
शहरी क्षेत्रों में पुरुष और महिला बेरोजगारी दर क्रमशः 4.2 प्रतिशत और 6.4 प्रतिशत तक कम हुई।
स्व-रोजगार का हिस्सा कुल स्तर पर 2024 के 57.5 प्रतिशत से घटकर 2025 में 56.2 प्रतिशत रह गया। पुरुषों में यह 52.9 प्रतिशत से घटकर 52 प्रतिशत और महिलाओं में 66.5 प्रतिशत से घटकर 64.2 प्रतिशत हो गया ।
रिपोर्ट में कहा गया कि इस कमी के साथ नियमित वेतनभोगी रोजगार का हिस्सा बढ़कर 22.4 प्रतिशत से 23.6 प्रतिशत हो गया। यह वृद्धि पुरुषों में 25.4 प्रतिशत से बढ़कर 26.5 प्रतिशत और महिलाओं में 16.6 प्रतिशत से बढ़कर 18.2 प्रतिशत हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, कुल रोजगार में अस्थायी कामगारों (कैजुअल लेबर) का हिस्सा लगभग स्थिर रहा और यह 2024 के 20 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 20.2 प्रतिशत रहा जिसमें स्त्री व पुरुष के आधार पर केवल मामूली अंतर देखा गया।
भाषा निहारिका रमण
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