नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) ऑस्ट्रेलिया के उच्चस्तरीय प्रांतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा ने द्विपक्षीय व्यापार को सालाना पांच अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक पहुंचाने की दिशा में नींव तैयार की।
इस दौरान दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण खनिज, उच्च प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे और पर्यटन के क्षेत्र में संबंध मजबूत करने की इच्छा जताई है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रांत न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) की सरकार के प्रमुख क्रिस मिन्स के नेतृत्व में आए व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने शीर्ष भारतीय अधिकारियों और नेताओं के साथ कई बैठकें कीं। बैठकों में व्यापार और निवेश संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी को मजबूत करने और वैश्विक उथल-पुथल तथा व्यापार संबंधी बाधाओं से मिलकर निपटने की व्यापक सोच के लिए कदम उठाया गया है।
न्यू साउथ वेल्स ऑस्ट्रेलिया का सबसे अधिक आबादी वाला प्रांत है और यहां देश का सबसे बड़ा शहर सिडनी स्थित है। यह प्रमुख वित्तीय, कारोबारी और शिक्षा केंद्र भी है।
मिन्स और कोषाध्यक्ष डेनियल मूखी ने 31 अगस्त से तीन सितंबर तक नयी दिल्ली तथा मुंबई के चार दिवसीय यात्रा का नेतृत्व किया।
मिन्स और मूखी ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उद्यागपतियों से मुलाकात की।
बयान में कहा गया कि भारत को मिन्स की प्रांतीय सरकार के प्रमुख के रूप में पहली विदेश यात्रा के लिए चुना गया, जो दोनों देशों के संबंधों को दिए जा रहे महत्व को दर्शाता है।
मिन्स ने कहा, ‘‘इस सप्ताह हमें जो स्पष्ट संदेश मिला है, वह यह है कि यह रिश्ता अभी अपनी शुरुआत में है और इसमें काफी संभावनाएं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में हम बहुत कुछ कर सकते हैं।’’
मिन्स ने कहा कि न्यू साउथ वेल्स में भारतीय मूल के 200,000 लोग रहते हैं। ये लोग भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं।
यात्रा के दौरान न्यू साउथ वेल्स ने महाराष्ट्र के साथ अपने ‘सिस्टर-स्टेट’ समझौते को नया रूप दिया। दोनों सरकारों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए 90 दिन के भीतर संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति जताई।
प्रतिनिधिमंडल ने भारत और सिडनी के बीच सीधी उड़ानों की संख्या बढ़ाने के मुद्दे पर एयर इंडिया के साथ चर्चा की।
भाषा यासिर रमण
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