वीवो अपने नोएडा संयंत्र को डिक्सन के साथ संयुक्त उपक्रम में करेगी शामिल
वीवो अपने नोएडा संयंत्र को डिक्सन के साथ संयुक्त उपक्रम में करेगी शामिल
(प्रसून श्रीवास्तव)
नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) चीनी स्मार्टफोन कंपनी वीवो भारत में अपने कारोबार को कम परिसंपत्तियों वाले ‘एसेट-लाइट’ मॉडल की तरफ ले जाने की योजना बना रही है और इसके तहत वह अपने नोएडा विनिर्माण संयंत्र को डिक्सन टेक्नोलॉजीज के साथ प्रस्तावित संयुक्त उद्यम का हिस्सा बनाएगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सरकार ने बुधवार को वीवो मोबाइल इंडिया के डिक्सन टेक्नोलॉजीज के साथ संयुक्त उपक्रम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। दोनों कंपनियों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर के करीब 18 महीने बाद यह स्वीकृति मिली है।
मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा, ‘वीवो की नोएडा स्थित विनिर्माण इकाई प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम का हिस्सा बनेगी और कंपनी धीरे-धीरे एसेट-लाइट कारोबार मॉडल की ओर बढ़ेगी।’
इस संबंध में वीवो और डिक्सन टेक्नोलॉजीज को भेजे गए ईमेल का तत्काल कोई जवाब नहीं मिला।
प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम में डिक्सन टेक्नोलॉजीज की 51 प्रतिशत और वीवो मोबाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। यह इकाई भारत में स्मार्टफोन सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) के रूप में काम करेगी।
डिक्सन टेक्नोलॉजीज की तरफ से दी गई नियामकीय सूचना के मुताबिक, यह संयुक्त उपक्रम वीवो के कुछ ओईएम ऑर्डर पूरे करेगा और अन्य ब्रांडों के लिए भी विनिर्माण कर सकता है।
प्रस्तावित सौदे के तहत संयुक्त उपक्रम कंपनी कुछ विनिर्माण परिसंपत्तियों का अधिग्रहण करेगी और वीवो के साथ विनिर्माण एवं पैकेजिंग समझौता करेगी।
वीवो ने 2025 में करीब 3.5 करोड़ स्मार्टफोन बेचे, जबकि डिक्सन का मोबाइल फोन उत्पादन लगभग 3.2 करोड़ इकाइयों का रहा।
वित्त वर्ष 2025-26 में डिक्सन टेक्नोलॉजीज का कुल राजस्व 48,873 करोड़ रुपये रहा, जिसमें मोबाइल फोन एवं अनुबंध पर विनिर्माण के व्यवसाय का योगदान 44,257 करोड़ रुपये का था।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

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