नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) देश की प्रमुख रूम एयर कंडीशनर (आरएसी) कंपनी वोल्टास ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले तीन महीनों के भीतर ही 10 लाख रूम एसी की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है।
टाटा समूह की कंपनी का दावा है कि उसने यह उपलब्धि अब तक के सबसे कम समय में हासिल की है, जिससे भारतीय एयर कंडीशनर बाजार में उसकी अग्रणी स्थिति और मजबूत हुई है।
वोल्टास ने इससे पहले वित्त वर्ष 2023-24 में 20 लाख रूम एसी बेचे थे। उद्योग में पहली बार यह आंकड़ा हासिल हुआ था।
इससे पहले अप्रैल, 2026 में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने भी कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 10 लाख एयर कंडीशनर बिक्री का आंकड़ा पार करने की घोषणा की थी, जो देश में एयर कंडीशनर की मजबूत मांग को दर्शाता है।
भारत का रूम एयर कंडीशनर बाजार वर्तमान में लगभग 1.25 करोड़ से 1.4 करोड़ इकाई सालाना का है।
कंपनी के अनुसार, इस उपलब्धि के पीछे पिछले एक वर्ष में उठाए गए कई रणनीतिक कदम हैं। इनमें प्रीमियम, मध्यम श्रृंखला और मूल्य खंड में नए एवं अलग उत्पादों की पेशकश, व्यापक उपभोक्ता वर्ग तक पहुंच और विभिन्न मूल्य श्रेणियों में मजबूत उपस्थिति शामिल है।
वोल्टास के प्रबंध निदेशक मुकुंदन मेनन ने कहा कि वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में 10 लाख इकाई की बिक्री का आंकड़ा पार करना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह ग्राहकों के भरोसे, मजबूत ब्रांड पहचान और देशभर में कंपनी की टीमों तथा चैनल भागीदारों के प्रभावी निष्पादन का परिणाम है।
कंपनी ने बताया कि उसने एआई-सक्षम एयर कंडीशनर उत्पादों के प्रचार के लिए विभिन्न विपणन अभियानों के माध्यम से उपभोक्ताओं से जुड़ाव भी बढ़ाया है। इसके अलावा, देशभर में फैले वितरण और सेवा नेटवर्क ने भी बिक्री वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वोल्टास का कहना है कि देश के कई हिस्सों में अब भी गर्मी बनी हुई है और कंपनी उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ एयर कंडीशनर श्रेणी में अगले चरण की वृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
भारतीय रूम एसी बाजार में वोल्टास के अलावा एलजी, दाइकिन, ब्लू स्टार, हिताची, पैनासोनिक और लॉयड जैसे प्रमुख ब्रांड का दबदबा है। उद्योग को उम्मीद है कि 2026 में बिक्री बेहतर रहेगी, क्योंकि 2025 में बेमौसम बारिश और अन्य कारणों से मांग प्रभावित हुई थी। वहीं, 2024 में देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू के कारण एयर कंडीशनर की बिक्री में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई थी।
भाषा अजय अजय
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