Dhurandhar Movie Real Story: फिल्म ‘धुरंधर’ की कहानी निकली 100% सच! पूर्व आतंकी मुश्ताक भट ने किया सनसनीखेज खुलासा, इस सीन को बताया बिल्कुल रियल

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फिल्म 'धुरंधर' को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। पूर्व आतंकी मुश्ताक अहमद भट ने फिल्म में दिखाए गए नकली नोटों के नेटवर्क को हकीकत के करीब बताते हुए दावा किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए नकली नोट छपवाती थी। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है।

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  • Publish Date - June 21, 2026 / 11:04 AM IST,
    Updated On - June 21, 2026 / 11:09 AM IST
HIGHLIGHTS
  • मुश्ताक भट ने 'धुरंधर' के घटनाक्रम को बताया वास्तविकता से जुड़ा
  • दावा: ISI के संरक्षण में पाकिस्तान में छपते थे नकली नोट
  • खनानी भाइयों का नाम लेकर किया बड़ा खुलासा

नई दिल्ली : Dhurandhar Movie Real Story हाल ही में रिलीज हुई चर्चित फिल्म ‘धुरंधर’ के एक सीन को लेकर पूर्व आतंकवादी मुश्ताक अहमद भट ने एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा किया है। मुश्ताक भट ने फिल्म में दिखाए गए दृश्यों की सच्चाई को स्वीकार करते हुए मुहर लगाई है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर नकली नोट छापती थी।

खनानी भाइयों का था हाथ

पूर्व आतंकी मुश्ताक भट ने फिल्म के घटनाक्रम को सच बताते हुए कबूल किया कि इस पूरे काले कारोबार के पीछे खनानी भाइयों का हाथ था। Former Terrorist Mushtaq Ahmed Bhat Interview उन्होंने पाकिस्तान की सरजमीं पर आईएसआई के संरक्षण में जाली नोटों का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था। भट ने आगे का सच बयां करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सीक्रेट प्रिंटिंग प्रेस में छपने वाले इन नकली नोटों की खेप को भारत, विशेषकर जम्मू-कश्मीर की घाटी में खपाने की जिम्मेदारी आतंकी संगठनों को दी गई थी, और उसने खुद कश्मीर घाटी के विभिन्न इलाकों में इन नोटों की बड़ी खेप की सप्लाई की थी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

पूर्व आतंकी का यह कबूलनामा यह साफ करता है कि फिल्म ‘धुरंधर’ में दिखाई गई कहानी महज काल्पनिक नहीं, बल्कि हकीकत के बेहद करीब है। सोशल मीडिया पर इंटरव्यू का ये हिस्सा तेज़ी से वायरल हो रहा है।

कौन है अहमद भट ?

जो लोग जानना चाहते हैं, उनके लिए बता दें मुश्ताक अहमद भट एक कश्मीरी उग्रवादी था, जिसने भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में ट्रेनिंग ली थी। भारत लौटने पर उसने भारतीय सेना का साथ दिया और एक डबल एजेंट के तौर पर काम किया। बाद में उसे सेना में एक रैंक भी दी गई!

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