ईरान से व्यापार पर अमेरिका के प्रस्तावित शुल्क पर स्पष्टता का इंतजार: वाणिज्य सचिव अग्रवाल

ईरान से व्यापार पर अमेरिका के प्रस्तावित शुल्क पर स्पष्टता का इंतजार: वाणिज्य सचिव अग्रवाल

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 08:12 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 08:12 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर घोषित 25 प्रतिशत शुल्क के कार्यकारी आदेश का इंतजार कर रही है, ताकि इसके असर का आकलन किया जा सके।

ईरान को भारत का निर्यात मुख्य रूप से ‘मानवीय आधार’ पर दी जाने वाली जरूरी वस्तुओं का है, जिसमें प्रमुख रूप से वस्तुएं और सेवाएं शामिल हैं।

ट्रंप ने सोमवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि ‘तत्काल प्रभाव से’, ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी देश अमेरिका के साथ किए जाने वाले अपने सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत शुल्क का भुगतान करेगा।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस घोषणा के भारत पर प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘ईरान के साथ हमारा व्यापार सीमित है। मुख्य रूप से वस्तुओं और सेवाओं का हमारा निर्यात मानवीय प्रकृति का है। हम इस (घोषणा) को देख रहे हैं और फिलहाल विस्तृत विवरण तथा (कार्यकारी) आदेश का इंतजार कर रहे हैं।’

निर्यातकों के शीर्ष निकाय (फियो) ने कहा है कि भारतीय कंपनियां और बैंक ईरान पर ‘ओएफएसी’ (विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय) के प्रतिबंधों का पूरी तरह और स्पष्ट रूप से पालन कर रहे हैं। संगठन के अनुसार, ये इकाइयां विशेष रूप से केवल अनुमति प्राप्त मानवीय व्यापार में लगी हुई हैं, जिसमें मुख्य रूप से भोजन और दवाएं शामिल हैं।

इससे पहले, अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) द्वारा नवंबर 2018 में लगाए गए प्रतिबंधों के कारण भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय व्यापार में भारी गिरावट आई थी

आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में ईरान के साथ भारत का कुल व्यापार 1.68 अरब डॉलर था, जिसमें 1.24 अरब डॉलर का निर्यात शामिल था। यह निर्यात मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र से संबंधित था।

भारत के कुल 437 अरब डॉलर के वैश्विक निर्यात में ईरान की हिस्सेदारी मात्र 0.28 प्रतिशत है।

ईरान को निर्यात किए जाने वाले प्रमुख उत्पादों में अनाज, पशु चारा, चाय, कॉफी, मसाले, फल, सब्जियां और दवाएं शामिल हैं।

भारत द्वारा ईरान से किए जाने वाले प्रमुख आयात में सूखे मेवे, अकार्बनिक/कार्बनिक रसायन और कांच का सामान शामिल हैं।

अमेरिका की यह घोषणा महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय निर्यातक पहले से ही अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी शुल्क के प्रभाव से जूझ रहे हैं।

भाषा सुमित रमण

रमण