एनसीआर में वेयरहाउस संबंधी लेनदेन में गिरावट: नाइट फ्रैंक इंडिया

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एनसीआर में वेयरहाउस संबंधी लेनदेन में गिरावट: नाइट फ्रैंक इंडिया

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  • Publish Date - July 6, 2021 / 01:23 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:16 PM IST

नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) अंतरराष्ट्रीय रियल एस्टेट कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान कुल 69 लाख वर्ग फुट के बराबर वेयरहाउस की जगह के सौदे हुए, जो वित्त वर्ष 2019-20 में हुए 86 लाख वर्ग फुट के लेनदेन की तुलना में 20 प्रतिशत कम है।

जमीन-जायदाद बाजार संबंधी परामर्श सेवाएं देने वाली फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया ने अपनी एक ताजा रिपोर्ट ‘इंडिया वेयरहाउसिंग मार्केट रिपोर्ट 2021’ में कहा कि बाजार में बुनियादी मजबूती के बावजूद मुख्य रूप से कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के चलते गिरावट हुई और इस दौरान कब्जेदारों ने नए पट्टे के फैसले स्थगित किए।

रिपोर्ट के मुताबिक वेयरहाउस की मांग में 61 प्रतिशत हिस्सा ई-कॉमर्स कंपनियों का है, जबकि तृतीय पक्ष लॉजिस्टिक्स (3पीएल) कंपनियों की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत रही। गोदामों की जगह के लिए लेन देन में शामिल कुल जगह का 73 प्रतिशत जगह कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे क्षेत्र में है।इस क्षेत्र ने इस दौरान वेयरहाउस की जगह के लिए अमेज़न, देल्हीवेरी, फ्लिपकार्ट और डीएचएल को आकर्षित किया है।

परमर्श कंपनी का कहना है कि विभिन्न राज्यों, बड़े पैमाने पर विनिर्माण इकाइयों और औद्योगीकरण के लिए एनसीआर से जुड़ाव ने इस क्षेत्र को भारत में वेयरहाउसिंग के लिए सबसे पसंदीदा केंद्रों में से एक बना दिया है, जिसमें संस्थागत और स्थानीय डेवलपर्स द्वारा वृद्धिशील वेयरहाउसिंग स्टॉक को जोड़ने की व्यापक क्षमता है।

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में आगे कहा गया कि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग पर निर्भरता बढ़ने से वेयरहाउस संबंधी लेनदेन में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक (उत्तर) मुदस्सिर ज़ैदीने कहा, “महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों में आई बाधा ने वित्त वर्ष 2020-21 में एनसीआर के वेयरहाउसिंग बाजार के लिए लेनदेन को अपेक्षा से कम प्रभावित किया है। हालांकि लेनदेन ज्यादातर औद्योगिक क्षेत्र में शांत थे, लेकिन ई- वाणिज्य ने अपनी वेयरहाउसिंग उपस्थिति में विस्तार देखा। ’

उन्होंने कहा कि कोविड -19 की दूसरी लहर के बाद, रहने वालों पर बेहतर अनुबंध शर्तों और अन्य लाभों के लिए जोर देने जाने की संभावना है।

भाषा पाण्डेय मनोहर

मनोहर