नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) दबाव वाली आवासीय परियोजनाओं के लिए गठित सरकार समर्थित ‘स्वामी’ कोष ने 15 दिसंबर तक अटकी परियोजनाओं में 61,000 से अधिक घरों का निर्माण पूरा कर लिया है। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने कहा कि यह किफायती एवं मध्यम आय वाले घरों का निर्माण पूरा करने के लिए गठित इस कोष की मदद से एक लाख से अधिक घरों की आपूर्ति की दिशा में कदम बढ़ रहा है, जिससे चार लाख से अधिक लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने कहा कि मजबूत सौदा निष्पादन और अनुशासित पूंजी उपयोग को दर्शाते हुए स्वामी कोष ने पांच दिसंबर, 2025 को अपनी निवेश अवधि समाप्त होने से पहले ही अपने पूरे निवेश योग्य कोष को प्रतिबद्ध कर दिया।
वर्तमान में इस कोष के पोर्टफोलियो में 30 शहरों की 145 से अधिक अधूरी आवासीय परियोजनाएं शामिल हैं, जिससे यह देश का सबसे बड़ा आवासीय-केंद्रित दबाव समाधान मंच बन गया है।
बयान के मुताबिक, 110 परियोजनाओं में निर्मित लगभग 61,000 घर वितरित किए जा चुके हैं, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और पुनर्वास श्रेणी की 7,000 से अधिक इकाइयां भी शामिल हैं।
कोष के सख्त प्रशासन, सक्रिय परिसंपत्ति प्रबंधन और कड़े निगरानी तंत्र के चलते अब तक 55 पूर्ण और 44 आंशिक निकासी किए जा चुके हैं।
स्वामी कोष ने देशभर में 127 परियोजनाओं में 37,400 करोड़ रुपये की पूंजी के उपयोग में सहायता की है, जिसमें नौ करोड़ वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र का विकास शामिल है। इसमें से 44 प्रतिशत निम्न और मध्यम आय वर्ग के आवास हैं।
इसके साथ ही, इस पहल से 36,000 से अधिक कुशल और अकुशल रोजगार सृजित हुए हैं, जिनमें 3,500 स्थायी नौकरियां शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि अटकी परियोजनाओं के पुनरुद्धार से सीमेंट और इस्पात की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और जीएसटी, सरकारी देनदारियों और स्टांप शुल्क के माध्यम से केंद्र और राज्यों को अनुमानित 6,900 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
स्वामी कोष ने अब तक निकाली गई पूंजी का करीब 50 प्रतिशत निवेशकों को लौटाया है। केंद्र सरकार द्वारा निकाली गई 7,000 करोड़ रुपये की राशि में से 3,500 करोड़ रुपये पहले ही लौटाए जा चुके हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी, 2025 को पेश 2025-26 के बजट में 15,000 करोड़ रुपये के ‘स्वामी कोष-2’ के गठन की घोषणा की थी, जिसका लक्ष्य एक लाख और अधूरी आवास इकाइयों को शीघ्र पूरा करना है।
स्वामी निवेश फंड का प्रबंधन एसबीआई वेंचर्स लिमिटेड कर रहा है और यह सामाजिक प्रभाव निवेश मंच के रूप में कार्य करता है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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