भारत-नेपाल दोनों देशों के दस्तावेज रखने के आरोप में बलरामपुर में 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
भारत-नेपाल दोनों देशों के दस्तावेज रखने के आरोप में बलरामपुर में 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
बलरामपुर, चार जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में भारत-नेपाल दोनों देशों की नागरिकता और पहचान संबंधी दस्तावेज रखने के गंभीर आरोप में सीमावर्ती कोतवाली जरवा क्षेत्र में 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, आरोप है कि इन लोगों ने सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त किया है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास कुमार ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी द्वारा की गई शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई थी।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के पत्र के आधार पर की गई जांच रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि नेपाल के डांग जनपद के कोईलाबास क्षेत्र के कुछ लोगों ने बलरामपुर के बालापुर (अनवरडीह), शीतलापुर रिजवान गली और तुलसीपुर क्षेत्र में निवास दर्शाकर आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य भारतीय दस्तावेज बनवाए और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया।
एसपी ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उनके नाम भारतीय मतदाता सूची के साथ-साथ नेपाल की मतदाता सूची में भी पाए गए हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सूची में शामिल अब्दुल रहमान पुत्र कल्लू नामक व्यक्ति ग्राम बालापुर (अनवरडीह) में निवास नहीं करता है, जबकि अब्दुल अजीज सिद्दीकी की कुछ माह पूर्व मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद उनके नाम विभिन्न अभिलेखों में दर्ज पाए गए, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि संबंधित व्यक्तियों के नाम भारत और नेपाल दोनों देशों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। साथ ही आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के तथ्य भी सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि यह मामला दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग, पहचान छिपाने और सरकारी अभिलेखों में गलत जानकारी दर्ज कराने से जुड़ा है। थाना जरवा पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
एसपी ने बताया कि सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है तथा संबंधित विभागों से रिकॉर्ड का मिलान कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत

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