Sagar Snake Bite News: एक ही युवक को सांप ने कई बार डसा, फिर भी कैसे बच गई जान, पढ़िए रहस्य से भरी ये खबर

Sagar Snake Bite News: जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 18 वर्षीय युवक को पिछले आठ महीनों में चार बार सांप डस चुका है।

Sagar Snake Bite News: एक ही युवक को सांप ने कई बार डसा, फिर भी कैसे बच गई जान, पढ़िए रहस्य से भरी ये खबर

Sagar Snake Bite News/Photo Creadit: Ai


Reported By: Nafees Khan,
Modified Date: July 4, 2026 / 09:09 pm IST
Published Date: July 4, 2026 9:07 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 18 वर्षीय युवक को पिछले 8 महीनों में चार बार सांप ने डसा
  • हर बार समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने से उसकी जान बच गई
  • परिजनों ने झाड़-फूंक के बजाय तुरंत चिकित्सा कराई, जिसे डॉक्टर भी सर्पदंश में सबसे सही तरीका मानते हैं

Sagar Snake Bite News: सागर जिले के बंडा क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 18 वर्षीय युवक को पिछले आठ महीनों में चार बार सांप डस चुका है। बावजूद इसके हर बार समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। इस घटना के बाद परिवार दहशत में है।
जानकारी के अनुसार, बंडा क्षेत्र के ग्राम धुरमार निवासी 18 वर्षीय नमन चौबे पिता नारायण चौबे कक्षा 12वीं का छात्र है। बीते दिनों वह अपने घर पर था तभी उसे सांप ने डस लिया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और तत्काल परिजन उसे तत्काल बंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल सागर रेफर कर दिया गया, जहां उसका अब इलाज जारी है।

युवक को सांप ने कई बार डसा

Sagar Snake Bite News नमन के चाचा प्रभुदयाल चौबे ने बताया कि पिछले आठ महीनों में यह चौथी बार है, जब नमन को अलग-अलग सांप ने डसा है। पहली घटना नवंबर 2025 में हुई थी। इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गया। इसके बाद दिसंबर 2025 में दूसरी बार जनवरी 2026 में तीसरी बार और अब जुलाई 2026 में चौथी बार सांप ने उसे डस लिया। हर बार परिवार ने बिना किसी झाड़-फूंक या अंधविश्वास में पड़े सीधे अस्पताल पहुंचकर इलाज कराया, जिससे उसकी जान बच सकी।

 बार-बार एक ही युवक को क्यों डस रहा है सांप?

Sagar Snake Bite News परिजनों का कहना है कि आखिर बार-बार एक ही युवक को सांप क्यों डस रहा है? यह समझ से परे है। इस कारण पूरा परिवार भय के साये में जी रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज कराना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है। समय पर चिकित्सा मिलने से सर्पदंश के अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

 

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.