Khelo India Tribal Games: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में चमका अबूझमाड़ रामकृष्ण मिशन आश्रम का फुटबॉल टैलेंट, संघर्ष और अलगाव वाले क्षेत्र से उभर रहे युवा फुटबॉलर

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Khelo India Tribal Games: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में चमका अबूझमाड़ रामकृष्ण मिशन आश्रम का फुटबॉल टैलेंट।

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 03:27 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 03:27 PM IST

Khelo India Tribal Games/Image Credit: CG DPR

Khelo India Tribal Games: रायपुर: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दूरस्थ अबूझमाड़ क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के उत्थान के उद्देश्य से 1986 में स्थापित रामकृष्ण मिशन विवेकानंद आश्रम आज चुपचाप फुटबॉल प्रतिभाओं की एक अनोखी नर्सरी बनकर उभरा है। यह आश्रम छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में स्थित है और राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 250 किलोमीटर दूर है।

इसका प्रभाव मौजूदा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) में साफ दिखाई दे रहा है, जहां पुरुष और महिला फुटबॉल टीमों में एक दर्जन से अधिक खिलाड़ी आश्रम में प्रशिक्षण पाकर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जहां महिला टीम फाइनल में पहुंच चुकी है, वहीं पुरुष टीम ने भी सेमीफाइनल में जगह बना ली है।

संघर्ष और अलगाव वाले क्षेत्र से उभर रहे युवा फुटबॉलर

छत्तीसगढ़ फुटबॉल संघ (CFA) के सहायक महासचिव और एआईएफएफ कार्यकारी समिति के सदस्य मोहन लाल ने कहा, “केआईटीजी 2026 में प्रतिस्पर्धा कर रही पुरुष और महिला फुटबॉल टीमों में प्रत्येक में लगभग 12-13 खिलाड़ी इसी अकादमी से हैं।”

कभी अलगाव और संघर्ष के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर क्षेत्र में स्थित आरके मिशन दशकों से बेहद दूरदराज के आदिवासी गांवों के बच्चों तक शिक्षा और अवसर पहुंचाने का काम कर रहा है। इनमें से कई गांव घने जंगलों के भीतर हैं, जहां औपचारिक शिक्षा तक पहुंच बहुत सीमित या लगभग नहीं के बराबर है।

आश्रम इन बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करता है, साथ ही संगीत और खेलों में उनकी रुचि को भी विकसित करता है। पढ़ाई के साथ-साथ खेल आश्रम के विकास कार्यक्रम का एक अहम स्तंभ बन चुका है।

बच्चों को कम उम्र में ही विभिन्न खेलों से परिचित कराया जाता है और शिक्षा के साथ-साथ उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए खेलों में करियर बना सकें।

संस्थान के लगभग 50 से 60 छात्र हर साल लेते हैं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग

हर साल संस्थान के लगभग 50 से 60 छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मौका मिलता है, जो इस आवासीय परिसर से लगातार उभर रही प्रतिभाओं को दर्शाता है।

मोहन लाल के अनुसार, आश्रम ने अपने छात्रों को समर्थन देने के लिए मजबूत खेल ढांचा विकसित किया है। परिसर में तीन फुटबॉल मैदान हैं, जिनमें एक एस्ट्रो-टर्फ सुविधा भी शामिल है, साथ ही बैडमिंटन, टेबल टेनिस, खो-खो और मल्लखंभ के लिए इनडोर एरेना भी मौजूद हैं।

मोहन लाल का मानना है कि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले कई बच्चों के जीवन में खेल ने परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। आज यह आश्रम विभिन्न आयु वर्गों के 2,700 से अधिक बच्चों का घर है, जहां उन्हें न केवल शिक्षा मिलती है, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, खिलाड़ी या शिक्षाविद बनने के सपने देखने का अवसर भी मिलता है।

देश की शीर्ष कंपनियों में काम कर रहे संस्थान ने कई छात्र

मोहनलाल ने कहा, “कई मायनों में यह देश के सर्वश्रेष्ठ आवासीय स्कूलों में से एक है, जो शिक्षा और खेल के माध्यम से जीवन संवारने में आश्रम की अनूठी भूमिका को दर्शाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “यहां लगभग 2700 छात्र हैं, जो सभी आयु वर्गों और कक्षा 1 से 12 तक के हैं। इस स्कूल से निकले कई छात्र देश की शीर्ष कंपनियों में कार्यरत हैं और कई प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं।”

लाल ने बताया कि अकादमी की खेल सुविधाओं को तब और पहचान मिली, जब रामकृष्ण मिशन फुटबॉल अकादमी (RKM FA) राज्य का पहला फुटबॉल क्लब बना जिसने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन द्वारा आयोजित अंडर-17 यूथ कप और आई-लीग 2 में भाग लिया।

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