Sarguja Bus Fare Controversy : किराये को लेकर बस वालों की दादागिरी! यात्रियों से वसूल रहे मनमाना पैसा, मंत्री तक पहुंची शिकायत

सरगुजा में निजी बस संचालकों पर यात्रियों से निर्धारित किराए से ज्यादा रकम वसूलने के आरोप लगे हैं। शिकायत के मुताबिक अंबिकापुर-रामानुजगंज रूट पर करीब ₹115 के बजाय 200 और अंबिकापुर-बिलासपुर रूट पर करीब 230 के बजाय 400 तक वसूले जा रहे हैं। कई बसों में किराया सूची भी नहीं लगी है।

Sarguja Bus Fare Controversy : किराये को लेकर बस वालों की दादागिरी! यात्रियों से वसूल रहे मनमाना पैसा, मंत्री तक पहुंची शिकायत

Sarguja Bus Fare Controversy / Image Source : FILE

Modified Date: September 2, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: September 2, 2026 7:33 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अंबिकापुर से संचालित कई बसों में किराया सूची नहीं होने की शिकायत।
  • रामानुजगंज रूट पर 115 की जगह 200 तक वसूली का आरोप।
  • बिलासपुर रूट पर 230 की जगह 400 तक लेने की शिकायत।

अंबिकापुर : Sarguja Bus Fare Controversyसरगुजा में निजी बस संचालकों की मनमानी यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रही है। कई बसों में न तो किराया सूची चस्पा है और न ही यात्रियों को तय किराए की जानकारी दी जाती है, जिसके चलते दूरी के हिसाब से तय किराए के बजाय मनमाना किराया वसूला जा रहा है। रामानुजगंज और बिलासपुर जैसे रूटों पर यात्रियों से तय किराए से कहीं ज्यादा रकम लिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इस आलम में सत्ताधारी दल के लोग ही जिम्मेदारों पर सवाल खड़े कर रहे हैं और सांठगांठ का आरोप लगा रहे हैं, वहीं शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में है।

अंबिकापुर से संचालित कई बसों से किराया सूची गायब

सरगुजा संभाग रेल और एयर कनेक्टिविटी के मामले में आज भी पिछड़ा हुआ है, ऐसे में यहाँ के लोगों के लिए बस ही आवागमन का सबसे बड़ा साधन है। अंबिकापुर के अंतरराज्यीय बस अड्डे से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और दूसरे राज्यों के लिए बड़ी संख्या में बसों का संचालन होता है। नियम के मुताबिक बसों में अलग-अलग स्थान की दूरी और निर्धारित किराए की सूची चस्पा होनी चाहिए ताकि अधिक वसूली न हो, लेकिन अंबिकापुर से संचालित कई बसों से किराया सूची गायब है।

यात्रियों से 200 रुपये तक वसूले जाने का आरोप

मामला तब और गंभीर हो गया जब सीएम पोर्टल पर भी इसकी शिकायत पहुंची। शिकायत के मुताबिक अंबिकापुर से रामानुजगंज निर्धारित किराया करीब 115 रुपये है, लेकिन यात्रियों से 200 रुपये तक वसूले जाने का आरोप है।

अंबिकापुर से बिलासपुर के लिए 400 रुपये तक वसूले जाने की शिकायत

निर्धारित किराया करीब 230 रुपये है, लेकिन यात्रियों से 400 रुपये तक वसूले जाने की शिकायत है, जो कि लगभग दोगुना है। मामला गंभीर होने पर सत्तापक्ष के लोग इसकी शिकायत प्रभारी मंत्री और सीधे मुख्यमंत्री तक करने की बात कह रहे हैं। दूसरी ओर, परिवहन विभाग के उड़नदस्ता प्रभारी आशाम्बर द्विवेदी का कहना है कि कुछ बसों में अधिक वसूली की शिकायत पर कार्रवाई की गई है।

नियम तय होने के बावजूद पालन कराने के लिए शिकायत का इंतजार क्यों ?

हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि नियम तय होने के बावजूद पालन कराने के लिए शिकायत का इंतजार क्यों किया जा रहा है और कार्रवाई केवल 1 या 2 बसों पर ही क्यों सिमट कर रह गई है। सरगुजा जैसे संभाग में जहाँ रेल और हवाई सुविधा सीमित है, वहाँ बस परिवहन आम लोगों की लाइफलाइन है।

यात्रियों के जेब पर डाल रहा असर

ऐसे में यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जाना सीधे तौर पर उनकी जेब पर असर डालता है। Bus Fare Increase CG अब देखना होगा कि शिकायतों के बाद परिवहन विभाग महज कार्रवाई का दावा करता है या फिर बसों में किराया सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराकर यात्रियों को राहत देता है, ताकि हजारों यात्रियों से होने वाली इस अवैध वसूली पर रोक लग सके।

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