Balod News: लगातार हुई बारिश के बाद बालोद जिले के नारागांव स्थित जंगल में सूख चुका प्रसिद्ध वाटरफॉल एक बार फिर से पूरी रौनक के साथ बहने लगा है। मां सियादेवी मंदिर के पीछे स्थित यह करीब 40 फीट ऊंचा जलप्रपात इन दिनों प्राकृतिक सौंदर्य प्रेमियों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। Siyadevi Waterfall Balod
Siyadevi Waterfall Balod: हर वर्ष बरसात के मौसम में यह जलप्रपात अपने पूरे वेग से बहता है, जबकि बाकी समय यह सूख जाता है। लेकिन बारिश थमते ही इसका मनमोहक दृश्य लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी पर्यटक यहां पहुंचने लगे हैं। वाटरफॉल के आसपास का शांत और हरियाली से भरपूर वातावरण इसे एक आदर्श पर्यटन स्थल बनाता है।
Siyadevi Waterfall Balod: यह स्थान धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है। यहां स्थित मां सियादेवी का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। माना जाता है कि इस मंदिर में स्थापित मां सियादेवी की मूर्ति लगभग पांच हजार वर्ष पुरानी है जो इसे और भी विशिष्ट बनाती है। बारिश के मौसम में मंदिर के दर्शन और जलप्रपात के सौंदर्य को एक साथ निहारने का अवसर भक्तों और पर्यटकों को मिलता है। Balod News
मां सियादेवी "Waterfall" छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के नारागांव जंगल क्षेत्र में स्थित है। यह जलप्रपात मां सियादेवी मंदिर के पीछे लगभग 40 फीट की ऊंचाई से गिरता है।
मां सियादेवी "Waterfall" कब देखने लायक होता है?
यह "Waterfall" मुख्यतः बरसात के मौसम में ही पूरी रौनक के साथ बहता है। बाकी समय यह सूख जाता है, इसलिए मानसून (जुलाई से सितंबर) के बीच यहां घूमना सबसे बेहतर रहता है।
क्या मां सियादेवी "Waterfall" तक पहुंचना आसान है?
हाँ, बालोद से नारागांव की दूरी कम है और स्थानीय मार्गों के माध्यम से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। स्थानीय वाहन या निजी साधनों से यात्रा करना सुविधाजनक रहता है।
मां सियादेवी मंदिर और "Waterfall" के आस-पास क्या सुविधाएं हैं?
यह स्थान प्राकृतिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। मंदिर परिसर में आवश्यक पूजा-सामग्री, पेयजल, और आराम स्थल उपलब्ध हैं। हालांकि, "Waterfall" क्षेत्र में सावधानी बरतना जरूरी है क्योंकि यह जंगल क्षेत्र में है।
मां सियादेवी "Waterfall" की विशेषता क्या है?
यह "Waterfall" न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां स्थित पांच हजार साल पुराना मां सियादेवी मंदिर भी लोगों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है, जिससे यह स्थान धार्मिक पर्यटन स्थल बन चुका है।