बलौदाबाजार: Balodabazar News: सिटी कोतवाली पुलिस ने सायबर ठगी करने वाले आरक्षक हेमंत नायक को सारंगढ़ जिले से गिरफ्तार किया है। आरक्षक पर आरोप है कि पुलिस अधीक्षक के नाम पर फर्जी ई मेल आईडी बनाकर कर बिजनेसमेन, बिल्डरों के खातों की जानकारी लेकर फ्रिज करवा देता था।
Balodabazar News: पीड़ितों को एसपी बनकर डरा धमका कर फ्रिज किए हुए खातों को अनफ्रीज करने के नाम पर मोटी रकम की वसूली करता था। आरोपी आरक्षक ने कई म्यूल अकाउंट से भी ठगी की गई है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि आरोपी आरक्षक ने बलौदाबाजार सायबर सेल पदस्थाना के दौरान इन सारे कृत्यों को अंजाम दिया गया है।
Balodabazar News: वर्तमान में वह सारंगढ़ में पदस्थ था। आरोपी के साथ और कौन कौन शामिल है इसकी जांच पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। वही आरोपी द्वारा ठगी की गई रकम की जानकारी भी पुलिस द्वारा नहीं दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक आरक्षक ने करोड़ों रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है।गिरफ्तारी के बाद आज आरक्षक को बर्खास्त भी कर दिया गया है।
"साइबर ठगी" वह अपराध है जिसमें इंटरनेट, फर्जी ईमेल, मैसेज या कॉल के जरिए लोगों से धोखाधड़ी कर पैसे वसूले जाते हैं। इसमें फर्जी पहचान बनाकर बैंक खातों या निजी जानकारी का दुरुपयोग किया जाता है।
आरक्षक हेमंत नायक ने किस तरह से साइबर ठगी की?
आरोपी ने पुलिस अधीक्षक के नाम पर फर्जी ईमेल आईडी बनाकर बिजनेसमेन और बिल्डरों को धमकाया और उनके बैंक खाते फ्रिज करवा दिए। फिर खातों को "अनफ्रीज" करने के नाम पर पैसे वसूले।
"साइबर ठगी" से बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
किसी भी अज्ञात ईमेल, कॉल या लिंक पर निजी जानकारी न दें। बैंक या पुलिस अधिकारी कभी भी व्हाट्सएप या ईमेल से खाते ब्लॉक करने की बात नहीं करते। हमेशा सीधे संबंधित बैंक या विभाग से पुष्टि करें।
क्या आरोपी हेमंत नायक को नौकरी से बर्खास्त किया गया है?
जी हां, गिरफ्तारी के बाद आरोपी आरक्षक को बलौदाबाजार पुलिस प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
क्या "साइबर ठगी" के अन्य आरोपी भी जांच के दायरे में हैं?
हां, पुलिस जांच कर रही है कि इस ठगी में और कौन-कौन शामिल थे और किस हद तक म्यूल अकाउंट का उपयोग हुआ है।