वाड्रफनगर: Wadrafnagar News: बलरामपुर जिले की सीमा से लगे धनवार बॉर्डर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपए मूल्य का 15 क्विंटल अवैध डोडा चूरा जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस की नियमित चेकिंग के दौरान की गई जब रांची से राजस्थान की ओर जा रहे एक संदिग्ध ट्रक को रोकने की कोशिश की गई।
Wadrafnagar News: जानकारी के अनुसार ट्रक को जैसे ही पुलिस ने रुकने का इशारा किया चालक ट्रक को छोड़कर मौके से फरार हो गया। जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली, तो उसमें भारी मात्रा में डोडा चूरा पाया गया जिसकी अनुमानित कीमत 1.30 करोड़ रुपए आंकी गई है।
Wadrafnagar News: फिलहाल ट्रक को पुलिस ने जब्त कर लिया है और फरार आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह मादक पदार्थ किस नेटवर्क के माध्यम से राजस्थान भेजा जा रहा था। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला गंभीर है और इस अवैध तस्करी में संलिप्त गिरोह का पता लगाने के लिए छानबीन तेज कर दी गई है। जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
"डोडा चूरा" अफीम (ओपियम) के पौधे के सूखे हुए फल और छिलकों को पीसकर बनाया गया मादक पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है। यह NDPS एक्ट के अंतर्गत प्रतिबंधित है।
वाड्रफनगर में पकड़े गए "डोडा चूरा" की मात्रा कितनी थी?
इस कार्रवाई में पुलिस ने 15 क्विंटल डोडा चूरा बरामद किया, जिसकी बाज़ार कीमत करीब 1.30 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
"डोडा चूरा" तस्करी का नेटवर्क कहाँ तक फैला हो सकता है?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह माल रांची से राजस्थान ले जाया जा रहा था, जिससे अंदेशा है कि डोडा चूरा का नेटवर्क अंतर्राज्यीय स्तर पर फैला हुआ है।
क्या वाड्रफनगर डोडा चूरा तस्करी मामले में कोई गिरफ्तार हुआ है?
फिलहाल, ट्रक चालक मौके से फरार हो गया है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। अन्य तस्करों की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है।
"डोडा चूरा" तस्करी करने पर क्या सजा हो सकती है?
"डोडा चूरा" जैसी मादक वस्तुओं की तस्करी NDPS Act (1985) के तहत अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर 10 से 20 साल तक की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है।