Trusted Tech Alliance: दुनिया की 15 टेक महाशक्तियों के बीच भारत की एंट्री! ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’ में ये कंपनी बनेगा भारत का चेहरा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल क्लाउड जैसी बड़ी कंपनियाों के बीच संभालेगा कमान

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Trusted Tech Alliance: अफ्रीका, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका की 15 अग्रणी कंपनियों ने ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’ (TTA) के गठन की घोषणा की है। यह समान सोच वाले वैश्विक टेक्नोलॉजी प्रदाताओं का एक समूह है।

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  • Publish Date - February 14, 2026 / 12:46 PM IST,
    Updated On - February 14, 2026 / 01:31 PM IST

jio india / image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • 15 वैश्विक कंपनियों का टेक गठबंधन
  • म्यूनिख में TTA की घोषणा
  • जियो प्लेटफॉर्म्स भारत से शामिल

म्यूनिख, 14 फरवरी 2026: अफ्रीका, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका की 15 अग्रणी कंपनियों ने ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’ (TTA) के गठन की घोषणा की है। यह समान सोच वाले वैश्विक टेक्नोलॉजी प्रदाताओं का एक समूह है। जो कनेक्टिविटी, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक फैले टेक्नोलॉजी स्टैक के लिए भरोसेमंद और सत्यापित मानक विकसित करने के लिए साथ आए हैं। एलायंस में भारत की ओर से Jio Platforms शामिल है। जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान इस एलायंस का ऐलान किया गया।

Trusted Tech Alliance Munich 2026: 15 वैश्विक कंपनियों का टेक गठबंधन

एलायंस के संस्थापक सदस्यों में अमेजन, वेब सर्विसेज, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल क्लाउड, एरिक्सन, नोकिया, एसएपी और एनटीटी जैसी कुल 15 वैश्विक टेक कंपनियां शामिल हैं। एलायंस ने संकेत दिया है कि आगे और कंपनियों को इससे जोड़ा जाएगा तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी संप्रभुता, प्रतिस्पर्धात्मकता और लचीले डिजिटल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम जारी रहेगा।

Trusted Tech Alliance: क्लाउड, AI, सेमीकंडक्टर पर फोकस

लॉन्च के मौके पर जियो प्लेटफॉर्म्स के सीईओ किरण थॉमस ने कहा, “विश्व स्तर पर डिजिटल विकास को गति देने के लिए भरोसेमंद, सुरक्षित और पारदर्शी टेक्नोलॉजी जरूरी है। जियो प्लेटफॉर्म्स को टेक्नोलॉजी स्टैक में साझा मानक और सत्यापित किए जा सकने वाले तौर-तरीकों को आगे बढ़ाने के लिए ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’ में शामिल होने पर गर्व है। हम इस पहल के जरिए वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी, क्लाउड और AI प्रणालियों में दीर्घकालिक भरोसा कायम करना चाहते हैं।”

माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयर और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में समान सोच वाली कंपनियों का साथ आना जरूरी है, ताकि सीमाओं के पार तकनीक में भरोसा और उच्च मानक कायम रह सकें। वहीं एरिक्सन के सीईओ बोर्ये एकहोम ने कहा कि कोई एक कंपनी या देश अकेले सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल ढांचा नहीं बना सकता, इसके लिए वैश्विक सहयोग अनिवार्य है।

एलायंस के तहत सदस्य कंपनियों ने पांच प्रमुख सिद्धांतों पर सहमति जताई है। इनमें पारदर्शी कॉरपोरेट गवर्नेंस और नैतिक आचरण, सुरक्षित विकास प्रक्रिया और स्वतंत्र मूल्यांकन, मजबूत सप्लाई चेन व सुरक्षा निगरानी, खुला व सहयोगी तथा लचीला डिजिटल इकोसिस्टम को बढ़ावा देना और कानून के शासन के साथ डेटा सुरक्षा का सम्मान शामिल है। इन सिद्धांतों के माध्यम से कंपनियां यह सुनिश्चित करेंगी कि तकनीक सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदारी के साथ संचालित हो, चाहे उसका विकास या उपयोग कहीं भी हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि जियो की भागीदारी से भारत को वैश्विक डिजिटल मानकों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। इससे देश में क्लाउड, 5G और AI आधारित सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की विश्वसनीयता मिल सकती है और डेटा सुरक्षा को लेकर ग्राहकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।

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ट्रस्टेड टेक एलायंस (TTA) क्या है?

यह 15 अग्रणी वैश्विक टेक कंपनियों का एक गठबंधन है, जो सुरक्षित, भरोसेमंद और सत्यापित टेक्नोलॉजी मानक विकसित करने के लिए बनाया गया है।

TTA की घोषणा कहां की गई?

इस एलायंस की घोषणा जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई।

भारत की ओर से कौन-सी कंपनी इसमें शामिल है?

भारत की ओर से जियो प्लेटफॉर्म्स इस एलायंस की संस्थापक सदस्य कंपनी है।