Bastar villagers angry: बस्तर में सड़कों पर उतरे 33 गांवों के सरपंच, नेशनल हाईवे पर किया चक्काजाम, जानें क्यों ग्रामीणों में भड़का आक्रोश

Bastar villages Sarpanches villagers angry : 33 गांवों के सरपंचों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर नेशनल हाईवे पर बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। करीब एक घंटे तक चले इस जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

Bastar villagers angry: बस्तर में सड़कों पर उतरे 33 गांवों के सरपंच, नेशनल हाईवे पर किया चक्काजाम, जानें क्यों ग्रामीणों में भड़का आक्रोश

Bastar villagers angry, image source: ibc24

Modified Date: January 23, 2026 / 11:44 pm IST
Published Date: January 23, 2026 11:41 pm IST
HIGHLIGHTS
  • गांवों में सभी जरूरी काम पूरी तरह ठप
  • पंद्रहवें वित्त का पैसा नहीं मिलने से आक्रोश
  • चक्का जाम को कांग्रेस ने भी समर्थन दिया

Jagdalpur News: बस्तर जिले के 33 गांवों में पंद्रहवें वित्त की राशि जारी नहीं होने के विरोध में शुक्रवार को किलेपाल में बड़ा चक्का जाम किया गया।  (Bastar villages Sarpanches villagers angry) 33 गांवों के सरपंचों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर नेशनल हाईवे पर बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। करीब एक घंटे तक चले इस जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

गांवों में सभी जरूरी काम पूरी तरह ठप

इस मामले में सरपंचों का कहना है कि पिछले एक वर्ष से जनपद पंचायत के माध्यम से विकास कार्यों की राशि जारी नहीं की गई है। (Bastar villages Sarpanches villagers angry) जिससे गांवों में सभी जरूरी काम पूरी तरह ठप पड़े हैं। नालियों की मरम्मत, बिजली से जुड़ी समस्याएं, सड़क निर्माण, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।

पंद्रहवें वित्त का पैसा नहीं मिलने से आक्रोश

सरपंच संघ के अध्यक्ष ने बताया कि पंद्रहवें वित्त का पैसा नहीं मिलने से अमृत जल मिशन का काम भी रुका हुआ है। (Bastar villages Sarpanches villagers angry) बोरिंग कराने से लेकर सड़कों पर मुरूम डालने तक के लिए पंचायतों के पास एक रुपया तक नहीं है। कई बार कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

इधर, इस चक्का जाम को कांग्रेस ने भी समर्थन दिया और इसे ग्रामीण विकास के साथ अन्याय बताया। (Bastar villages Sarpanches villagers angry) सरपंचों का साफ कहना है कि जब तक गांवों के विकास के लिए लंबित राशि जारी नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com