बिलासपुर: Bilaspur Conversion News: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। न्यायधानी बिलासपुर से एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच तोरवा थाना इलाके में प्रार्थना सभा के धर्मांतरण करने वालों का भंडाफोड़ हुआ है। जानकारी मिलने के बाद मौके पर हिंदूवादी संगठनों ने जमकर हंगामा किया।
Bilaspur Conversion News: मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला तोरवा थाना क्षेत्र के साईं भूमि परिसर का है। यहां प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। परिसर में 10 से ज्यादा लोग थे, जिनका धर्म परिवर्तन कराए जाने की आशंका है। इसकी जानकारी जब हिंदूवादी संगठनों को लगी तो मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। हिंदूवादी संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है, जब बिलासपुर से इस तरह का मामला सामने आया हो। रामनवमी के दिन हिंदूवादी संगठनों ने सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में प्रार्थना सभा के नाम पर हो रहे धर्मांतरण का भंडाफोड़ किया था। वहां भी प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण हो रहा था। पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया था।
बिलासपुर में धर्मांतरण के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
बिलासपुर जैसे शांत शहरों में धर्मांतरण के मामले हाल ही में इसलिए बढ़े हैं क्योंकि प्रार्थना सभाओं के जरिए कुछ संगठन लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, जिसकी शिकायतें हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस में की हैं।
क्या तोरवा थाना क्षेत्र में धर्मांतरण की पुष्टि हुई है?
अभी तक यह मामला धर्मांतरण की आशंका पर आधारित है। पुलिस पूछताछ कर रही है और जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
क्या धर्मांतरण के लिए कोई कानूनी अनुमति जरूरी है?
जी हां, छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत किसी का भी धर्म परिवर्तन करने से पहले प्रशासन को सूचना देना आवश्यक होता है। बिना अनुमति के धर्मांतरण अवैध माना जाता है।
"प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण" के कितने मामले सामने आए हैं?
अब तक कई घटनाएं रिपोर्ट हो चुकी हैं, विशेष रूप से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में। हाल ही में तोरवा और बहतराई क्षेत्रों में ऐसे मामले सामने आए हैं।
पुलिस इन मामलों में क्या कार्रवाई करती है?
पुलिस पहले शिकायत के आधार पर जांच करती है, फिर संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेती है। अगर धर्मांतरण का प्रयास सिद्ध होता है, तो संबंधित कानून के तहत केस दर्ज किया जाता है।