Bilaspur High Court News: कर्मचारी को हाईकोर्ट से राहत, विभागीय कार्रवाई पर रोक.. फल-फ्रूट मंगाने वाले आयुक्त के खिलाफ की थी ये शिकायत
Bilaspur High Court News: नगर निगम आयुक्त ने 31 जुलाई 2025 को उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया और आरोप लगाया कि नम्रता रक्सेल (चपरासी) और प्रीति उज्जैनवार (सहायक राजस्व निरीक्षक) की नियुक्ति और रमेश कुमार शर्मा (सहायक लेखा अधिकारी) की पदोन्नति अवैध तरीके से की गई थी।
Bilaspur High Court/Image Source: IBC24
- हाईकोर्ट ने विभागीय जांच और कार्रवाई पर रोक लगाई
- निगम कमिश्नर की मांगों की व्हाट्सएप चैट कोर्ट में पेश
- जांच प्रक्रिया को कोर्ट ने दूषित माना
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने दुर्ग निगम कमिश्नर आफिस में पदस्थ कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच और किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। (Bilaspur High Court News) कोर्ट ने निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल और जांच अधिकारी मोहेन्द्र साहू को व्यक्तिगत नोटिस जारी किया है। याचिका पर अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।
कमिश्नर के डिमांड की पूरी लिस्ट आई सामने
याचिकाकर्ता द्वारा निगम कमिश्नर और अपने वाट्सएप चैट की कॉपी हाईकोर्ट में पेश की गई है। इसमें आयुक्त लगातार कुछ ना कुछ मंगा रहे हैं। इसमें लाल अंगूर, धुरंधर मूवी की टिकट वह भी कार्नर वाली सीट मांगी गई है। सिलेंडर और सब्जी व अन्य सामान भी मंगाई गई है। चैट में एक कर्मचारी के बारे में लिखा है कि उसको समझा देना हटा दूंगा। एक चैट में कर्मचारी से आयुक्त पूछ रहे हैं कि एमआईसी की बैठक को क्या कैंसिल कर सकते हैं? जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि जांच अधिकारी द्वारा कार्यवाही करने के तरीके को देखते हुए इसे दूषित माना जा सकता है।
कोर्ट ने कहा कि आरोप पत्र में सूचीबद्ध किसी भी गवाह से आरोपों को साबित करने के लिए पूछताछ नहीं की गई है। जैसा कि जांच अधिकारी द्वारा अनुशासनात्मक प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है, जिसमें याचिकाकर्ता पर लगाए जाने वाले दंड का प्रस्ताव है। (Bilaspur High Court News) याचिकाकर्ता ने निगम कमिश्नर द्वारा 18 सितंबर 2025 को जारी आरोप पत्र और दुर्ग नगर निगम के उपायुक्त द्वारा 6 अक्टूबर 2026 की जांच रिपोर्ट को चुनौती दी है।
आयुक्त ने जारी किया था शोकॉज नोटिस
याचिका के अनुसार उसे 8 अगस्त 2014 के आदेश द्वारा दुर्ग नगर निगम के अधीन चपरासी के पद पर नियुक्त किया गया था। इसके बाद 21 नवंबर 2019 को उसे सहायक ग्रेड-तृतीय के पद पर पदोन्नत किया गया। सेवा अवधि के दौरान, नगर निगम आयुक्त ने 31 जुलाई 2025 को उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया और आरोप लगाया कि नम्रता रक्सेल (चपरासी) और प्रीति उज्जैनवार (सहायक राजस्व निरीक्षक) की नियुक्ति और रमेश कुमार शर्मा (सहायक लेखा अधिकारी) की पदोन्नति अवैध तरीके से की गई थी।
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