CG Urvarak Token System: छत्तीसगढ़ के किसानों की टेंशन ख़त्म, अब एक टोकन में मिलेगा यूरिया-DAP, जानिए कैसे?

G Urvarak Token System: छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ सीजन से पहले खाद वितरण को लेकर राज्य सरकार ने किसानों की खाद की टेंशन ख़त्म कर दी है।

CG Urvarak Token System: छत्तीसगढ़ के किसानों की टेंशन ख़त्म, अब एक टोकन में मिलेगा यूरिया-DAP, जानिए कैसे?

CG Urvarak Token System/Image: AI Generated

Modified Date: May 26, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: May 26, 2026 4:09 pm IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ में खाद वितरण के लिए टोकन सिस्टम लागू
  • किसानों को जरूरत के अनुसार यूरिया और DAP उपलब्ध कराया जाएगा
  • राज्य में 9.29 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक मौजूद

CG Urvarak Token System: छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ सीजन से पहले खाद वितरण को लेकर राज्य सरकार ने किसानों की खाद की टेंशन ख़त्म कर दी है। दरअसल, सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब किसानों को टोकन सिस्टम के जरिए खाद दिया जाएगा। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छोटे किसानों को एक ही टोकन में पूरा खाद उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि ढाई एकड़ तक के किसानों को दो टोकन और पांच एकड़ तक के किसानों को तीन टोकन में खाद मिलेगा। राज्य सरकार के मुताबिक किसानों को जरूरत के अनुसार यूरिया का 80 प्रतिशत और DAP का 60 प्रतिशत उपलब्ध कराया जाएगा।

मंत्री कश्यप ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से आयातित उर्वरकों (CG Urvarak Token System) की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है, लेकिन राज्य सरकार किसानों को रकबे के अनुरूप खाद उपलब्ध कराने के लिए व्यापक रणनीति पर काम कर रही है। राज्य सरकार का दावा है कि धान बुआई और उत्पादन प्रभावित न हो, इसके लिए खाद वितरण की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में प्रदेश के गोदामों और सोसायटियों में 9.29 लाख मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों (CG Urvarak Token System) का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आबंटित किया है। सरकार तरल नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के भंडारण की समानांतर रणनीति पर भी काम कर रही है। साथ ही कृषि क्षेत्र में आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को नैनो डीएपी उर्वरक के उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है।

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.