CG High Court News: सड़क पर बर्थडे मनाने वालों की अब खैर नहीं, हाईकोर्ट का सख्त रुख, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश

CG High Court News: सड़क पर जन्मदिन मनाने की घटनाएं बढ़ रहीं हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि अब आदेशों का उल्लंघन करने का मुकदमा चलाना पड़ेगा।

CG High Court News: सड़क पर बर्थडे मनाने वालों की अब खैर नहीं, हाईकोर्ट का सख्त रुख, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश

CG High Court News/Image: AI Generated

Modified Date: May 30, 2026 / 10:07 pm IST
Published Date: May 30, 2026 10:07 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने सड़क पर जन्मदिन मनाने की बढ़ती घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताई है
  • कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस ऐसे मामलों को रोकने में असफल साबित हो रही हैं
  • अदालत ने चेतावनी दी है कि अब आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है

बिलासपुर। CG High Court News: छत्तीसगढ़ में सड़क पर जन्मदिन मनाने की घटनाएं लगातार बढ़ रहीं हैं। हाईकोर्ट की गहरी नाराजगी और कड़े निर्देशों का भी असर नहीं हो रहा। ऐसे मामलों में राज्य सरकार और पुलिस की विफलता पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने यह तक कहा है कि अब ऐसे लोगों पर अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने का मुकदमा चलाना पड़ेगा।

सरकार को रोक लगाने के दिए निर्देश

प्रदेश में सड़क पर कार खड़ी करके या लग्जरी गाड़ियों का काफिला लगाकर केक काटकर उत्सव मनाए जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। कोर्ट ने फरवरी 2025 में सर्वप्रथम रायपुर में मॉल संचालक के बेटे द्वारा सड़क जाम कर केक काटने पर संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी लगातार ऐसे मामले सामने आए। कोर्ट ने लगातार संज्ञान लेकर राज्य सरकार को इन पर रोक लगाने के निर्देश दिए, लेकिन इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

अब चलेगा अदालत की अवमानना का केस

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़क पर जन्मदिन मनाए जाने को लेकर लगातार कड़ी नाराजगी जताई है। स्वतः संज्ञान याचिका की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने राज्य शासन के अधिवक्ता से कहा कि अब शायद आप लोग असफल हो गए हैं। अब हमको संबंधित व्यक्ति को पक्षकार बनाकर उन पर अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने का मुकदमा चलाना पड़ेगा, क्योंकि आप स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं। कोर्ट ने यह तक कहा कि यह घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि कुछ रईसजादों के लिए सार्वजनिक जगह पर भी मर्यादा और नियमों का कोई मूल्य नहीं रह गया है। आरोपी 5-10 हजार का जुर्माना भरते हैं और छूट जाते हैं।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.