CG High Court On Kotwar Land Case: क्या सेवा भूमि पर कोटवारों का मालिकाना हक होगा? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

CG High Court On Kotwar Land Case: क्या सेवा भूमि पर कोटवारों का मालिकाना हक होगा? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, जानिए क्या कहा

CG High Court On Kotwar Land Case: क्या सेवा भूमि पर कोटवारों का मालिकाना हक होगा? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

CG High Court On Kotwar Land Case: क्या सेवा भूमि पर कोटवारों का मालिकाना हक होगा? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला /image: IBC24

Modified Date: July 24, 2026 / 01:00 pm IST
Published Date: July 24, 2026 12:55 pm IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की फुल बेंच ने सेवा भूमि पर कोटवारों के मालिकाना हक के दावे को खारिज किया
  • 1950 से पहले सेवा के बदले मिली जमीन पर भू-स्वामी अधिकार नहीं मिलेगा
  • दो विरोधाभासी फैसलों के बाद मामला फुल बेंच को भेजा गया था, जहां अंतिम निर्णय आया

बिलासपुर। CG High Court On Kotwar Land Case: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने कोटवारों और उसके उत्तराधिकारियों की सेवा भूमि पर मालिकाना हक के एक महत्वपूर्ण मामले में निर्णय सुनाया है। चीफ जस्टिस समेत तीन जजों की फुल बेंच ने कहा कि 1950 में जमींदारी उन्मूलन से पूर्व मालगुजारों या जमींदारों द्वारा कोटवारों को सेवा के बदले दी गई जमीन पर कोटवार या उनके वारिस भू स्वामी अधिकार (Service Land Ownership) का दावा नहीं कर सकते। दो डिवीजन बेंच के ऑर्डर में विरोधाभास के बाद सिंगल बेंच ने मामला पूर्ण पीठ (फुल बेंच) को रेफर किया था।

जानें क्या था पूरा मामला?

CG High Court On Kotwar Land Case  दरअसल, कबीरधाम जिले के गजेंद्र दास और स्थानीय जरहाटोला निवासी सुकृत दास ने हाईकोर्ट में याचिका पेश कर पूर्व में हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देकर सेवा भूमि पर मालिकाना हक देने की मांग की थी। जिसपर हाईकोर्ट ने पाया कि दो अलग अलग डिवीजन बेंचों के निर्णय में परस्पर विरोधाभास है। इसी विरोधाभास को देखते हुए मामले को फुल बेंच के लिए रेफर कर दिया गया था, जहां कोटवारों के विरुद्ध हाईकोर्ट का निर्णय सामने आया है। (CG High Court Latest Order)

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.