CG Liquor Over Rating Case: IBC24 की खबर का असर, आबकारी विभाग का एक और बड़ा एक्शन, ओवररेटिंग मामले में इतने सब इंस्पेक्टरों को किया निलंबित
CG Liquor Over Rating Case: छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेट बिक्री के मामले में एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई की गई है।
CG Liquor Over Rating Case/Image Credit: AI
CG Liquor Over Rating Case: रायपुर: छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेट बिक्री के मामले में एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई की गई है। ओवररेटिंग के मामले में आबकारी विभाग ने तीन और सब इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया है। इतना ही नहीं प्रदेश के पांच आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने सभी अधिकारियों से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि उनके क्षेत्र में ओवररेट पर शराब बिक्री क्यों हो रही थी।
आबकारी आयुक्त के निर्देश पर हुई कार्रवाई
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, आबकारी आयुक्त पी.एस. एल्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में शराब की ओवररेट बिक्री के मामले का खुलासा आईबीसी24 की पड़ताल में सामने आया था, जिसके बाद विभाग लगातार सख्त कदम उठा रहा है। (CG Liquor Over Rating Case) वहीं बीते 11 जून को भी प्रदेश में तय कीमत से अधिक दर पर शराब बिक्री के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आबकारी सब इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया था।
IBC24 ने किया था ओवररेटिंग का खुलासा
बता दें कि, IBC24 ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शराब की ओवररेट बिक्री का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रसारित होने के बाद आबकारी विभाग हरकत में आया और जांच शुरू की गई। विभागीय जांच में पाया गया कि संबंधित अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में संचालित शराब दुकानों में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही थी। (CG Liquor Over Rating Case) मामले में आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए रायपुर में पदस्थ आबकारी सब इंस्पेक्टर कौशल किशोर सोनी, धमतरी के पुरुषोत्तम सिन्हा, बलौदाबाजार-भाटापारा के मनराखन नेताम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई क्षेत्र के प्रभाकर सिरमौर को निलंबित किया गया है। आरोप है कि इनके कार्यक्षेत्र में संचालित शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही थी।
तय कीमत से 10 से 20 रुपये ज्यादा वसूली
बता दें कि रायपुर में आबकारी विभाग और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड का मुख्यालय मौजूद है। तय दर पर शराब बिक्री सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों पर है, लेकिन ओवररेटिंग की आड़ में सालाना करीब 1500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का ऐसा सिस्टम विकसित हो चुका था, जिसके आगे कोई नियम या सख्ती असरदार साबित नहीं हो पा रही थी। (CG Liquor Over Rating Case) नतीजा यह है कि चाहे शराब की दुकान शहर में हो, गांव में, जिला मुख्यालय में या राजधानी में, लगभग हर जगह देसी और विदेशी शराब की बोतलों पर निर्धारित कीमत से 10 से 20 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं।
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