रायपुर, 23 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना शुरू करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सृजन केंद्र, प्रसंस्करण इकाइयां, सेवा केंद्र, विपणन केंद्र और आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा ग्रामीणों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
योजना के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
मंत्रिपरिषद ने ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) योजना छत्तीसगढ़’ के प्रारूप को भी मंजूरी दी।
इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, योजना के क्रियान्वयन में केंद्र और राज्य सरकार के व्यय का अनुपात 60/40 रहेगा तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्रिपरिषद ने ‘छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति, 2026’ के प्रारूप को भी मंजूरी दी।
इस नीति के तहत कृषि अवशेष, नगरीय ठोस अपशिष्ट, पशुधन अपशिष्ट और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग कर कम्प्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि इससे अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
भाषा संजीव जितेंद्र
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