छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की शुरूआत की

Ads

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की शुरूआत की

  •  
  • Publish Date - April 15, 2026 / 06:18 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 06:18 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

रायपुर, 15 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की डिजिटल तरीके से शुरूआत की। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से राज्य की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का डिजिटल तरीके से शुरुआत की। उन्होंने इसे किसानों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई समितियों के शुरू होने से अब पूरे राज्य में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर दो हजार 573 हो गई है।

उन्होंने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार खेती-किसानी में आधुनिक तकनीक और सहकारिता के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दे रही है, ताकि गांव और किसान समृद्ध बन सकें।

साय ने बताया कि अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं उनके गांव के पास ही उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि धान बेचने की प्रक्रिया भी आसान होगी और किसान अपनी नजदीकी समिति में ही धान बेच सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से कार्यरत 2058 समितियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए कंप्यूटरीकृत किया गया है और इनमें ‘माइक्रो एटीएम’ भी लगाए गए हैं, जिनसे किसान 20 हजार रुपये तक की राशि निकाल सकते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि नवगठित 515 समितियों में से 197 समितियां आदिवासी क्षेत्रों में स्थापित की गई हैं, जिससे दूर-दराज के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि ये समितियां केवल खाद-बीज वितरण तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि भविष्य में दुग्ध उत्पादन, मछली पालन जैसे सहायक कृषि गतिविधियों से भी जुड़ेंगी। उन्होंने कहा कि समितियों में लोक सेवा केंद्र भी शुरू किए जाएंगे, जहां एक ही स्थान पर 25 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे इन समितियों के सदस्य बनकर इसका अधिकतम लाभ उठाएं और इनके संचालन में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

भाषा संजीव राजकुमार

राजकुमार