Bilaspur High Court Notice News: बिलासपुर पुलिस ने पिछले साल जिसे किया था बांग्लादेश डिपोर्ट, अब तक नहीं पहुंचा उस देश.. हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, माँगा राज्य- केंद्र से जवाब

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Bilaspur High Court Latest Notice News: बिलासपुर निवासी को बांग्लादेशी बताकर डिपोर्ट करने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब।

Bilaspur High Court Latest Notice News || Image- Bilaspur HC File

HIGHLIGHTS
  • डिपोर्ट मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख।
  • केंद्र-राज्य को एक सप्ताह की मोहलत।
  • पत्नी बोली, पति अब तक लापता।

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बिलासपुर निवासी एक व्यक्ति को पुलिस द्वारा कथित तौर पर बांग्लादेशी बताकर डिपोर्ट किए जाने के बाद उसकी पत्नी ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। (Bilaspur High Court Latest Notice News) याचिका में कहा गया है कि उसका पति न तो बांग्लादेश पहुंचा और न ही अब तक उसका कोई पता चल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

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जवाब दाखिले के लिए एक सप्ताह का अंतिम समय

याचिकाकर्ता दुर्गा शर्मा ने बताया कि उनके पति सुब्रिती को अगस्त 2025 में पुलिस ने बांग्लादेश भेजने का दावा किया था, लेकिन आज तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने अदालत से पति का पता लगाने और पूरी कार्रवाई की जांच कराने की मांग की है।

मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का अंतिम समय दिया है।

लड़की से दुष्कर्म में आया था नाम

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि दुर्गा और सुब्रिती का विवाह करीब 15 वर्ष पहले हुआ था। (Bilaspur High Court Latest Notice News) सुब्रिती लंबे समय से भारत में रह रहा था और उसके पास भारतीय नागरिकता से जुड़े वैध दस्तावेज भी थे। मार्च 2025 में तोरवा पुलिस ने बांग्लादेश से नाबालिग लड़की को भगाने और दुष्कर्म के एक मामले में उसके पति का नाम जोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया।

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सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कुछ दस्तावेज अदालत में पेश किए। इस पर महाधिवक्ता ने कहा कि सरकार इन दस्तावेजों को आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनाना चाहती है। हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज केवल कवरिंग मेमो के रूप में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अदालत ने निर्देश दिया कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी शपथपत्र के साथ इन्हें रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करें। इसके लिए राज्य सरकार को भी एक सप्ताह का समय दिया गया है।

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याचिका किसने दायर की है?

उत्तर: बिलासपुर निवासी दुर्गा शर्मा ने अपने कथित लापता पति को लेकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है।

हाईकोर्ट ने सरकार को क्या निर्देश दिए?

उत्तर: केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा तथा शपथपत्र सहित दस्तावेज रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करने को कहा।

पत्नी ने अदालत में क्या दावा किया?

उत्तर: उन्होंने कहा कि उनके पति को डिपोर्ट किया गया, लेकिन वह बांग्लादेश भी नहीं पहुंचे और लापता हैं।