Reported By: Vishal Vishal Kumar Jha
,High Court On CG Police Bharti/Photo Creadit: AI Image
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि, उम्मीदवारों की गड़बड़ी के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने अब उन 129 संदिग्ध उम्मीदवारों की वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जांच कराने के निर्देश दिए हैं, जिनकी भूमिका पर सवाल उठे थे।
High Court On CG Police Bharti बता दें, कि बिलासपुर निवासी याचिकाकर्ता विवेक दुबे, मनोहर पटेल, मृत्युंजय श्रीवास और अश्वनी कुमार ने बिलासपुर केंद्र में शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि, लंबी कूद, गोला फेंक और दौड़ में हेर-फेर की गई है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर सीबीआई जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
High Court On CG Police Bharti कोर्ट ने कहा, यदि गड़बड़ी करने वालों को अलग किया जा सकता है, तो निर्दोष उम्मीदवारों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना मनमाना और अनुचित होगा। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने माना कि यह मामला बड़े पैमाने पर सुनियोजित भ्रष्टाचार का नहीं है। विभाग ने खुद गड़बड़ी मिलने पर जांच की है, इसलिए सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि एसपी द्वारा चिन्हित 129 संदिग्धों और पत्र में उल्लिखित उम्मीदवारों की विस्तृत जांच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराई जाए। यदि वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें सुनवाई का अवसर देने के बाद उनकी नियुक्ति रद्द की जाए।
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