Chhattisgarh Open Jail: छत्तीसगढ़ की जेल में बड़ा बदलाव, अब खुले माहौल में काम करेंगे बंदी, इस जेल से शुरू हुई नई व्यवस्था

Chhattisgarh Open Jail: छत्तीसगढ़ की जेल में बड़ा बदलाव, अब खुले माहौल में काम करेंगे बंदी, इस जेल से शुरू हुई नई व्यवस्था

Chhattisgarh Open Jail: छत्तीसगढ़ की जेल में बड़ा बदलाव, अब खुले माहौल में काम करेंगे बंदी, इस जेल से शुरू हुई नई व्यवस्था

Chhattisgarh Open Jail | Photo Credit: AI

Modified Date: September 23, 2026 / 10:49 am IST
Published Date: September 23, 2026 10:49 am IST
HIGHLIGHTS
  • प्रदेश का पहला खुला जेल
  • दुर्ग जेल से शुरुआत
  • 50 बंदियों को मौका

दुर्ग: Chhattisgarh Open Jail छत्तीसगढ़ में अब खुले जेल का प्रावधान किया गया है,प्रदेश में इसकी शुरुवात दुर्ग केंद्रीय जेल (Durg Central Jail) से की गई है,अब जेल के बंदी ना केवल जेल परिसर के भीतर बल्कि वे परिसर के बाहर खुले वातावरण में भी जाकर विभिन्न रोजगार कर सकेंगे। (Durg Jail Open Prison) अपराध से दूर कर उन्हें सामाजिक होने का ये सुनहरा अवसर मिल रहा है। 21 सितंबर को इसके लिए विधिवत शासन ने अधिसूचना जारी कर दी है। जिसका शुभारम्भ 22 सितंबर को जेल DG हिमांशु गुप्ता ने दुर्ग पहुंचकर किया।

खुले जेल में रहने के लिए नियम

Chhattisgarh Open Jail इस खुले जेल में रहने के लिए नियम भी बनाए गए है। अधिकतम 50 बंदी जेल से बाहर जा पाएंगे। जिनकी सजा 10 वर्ष से अधिक है। 30 वर्ष से 60 वर्ष तक के बंदी जो कार्य करने में सक्षम है, वे ही इसका लाभ ले सकेंगे। साथ ही महिलाओं और आबकारी एक्ट से जुड़े बंदी को पृथक रखा गया है, तो वही जिनका आचरण जेल में रहते हुए अच्छा था जो कम से कम दो बार पैरोल पर जाकर वापस आया हो इनकी सूची तैयार की गई है।

ट्रायल तौर पर कार्य ही दिए जायेंगे

फिलहाल ट्रायल तौर पर चिह्नित बंदियों को जेल परिसर के भीतर के कार्य ही दिए जायेंगे। जैसे आस्था नाश्ता केंटीन, गौशाला आदि में कार्य लिए जायेंगे। उसके पश्चात इन्हें खुले वातावरण में भेजा जायेगा। जेल से बाहर निकलने और वापस आने का समय भी सुनिश्चित किया गया है। शाम 6 बजे से पहले इन्हें वापसी करना अनिवार्य है।

बता दे दुर्ग केंद्रीय जेल में कुल 2439 बंदी है जबकि जेल की क्षमता महज 22 सौ बंदी की है। इनमें से 11 सौ से अधिक बंदी सजायाप्ता है तो कई नक्सली भी जेल में निरुद्ध है,अब देखना होगा शासन की इस पहल का कितना सार्थक असर बंदियों पर होता है अगर यह माडल कारगर रहा तो इसे छत्तीसगढ़ के अन्य जेलों में भी क्रियान्वित किया जाएगा

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IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 10 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।