CM sai review meeting : मुख्यमंत्री साय ने की ऊर्जा विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा, बोले- भविष्य की जरूरत के अनुरूप हो विद्युत सुविधाओं का विस्तार

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CM sai meeting News: बैठक में उन्होंने राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 11:20 PM IST,
    Updated On - January 29, 2026 / 11:21 PM IST
HIGHLIGHTS
  • पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
  • पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर
  • विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत 

Raipur News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है और भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा अवसंरचना का समयबद्ध विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गांवों को शीघ्र ग्रिड से जोड़ने तथा विद्युत अधोसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

सीएम साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोलर पैनल स्थापना एवं रखरखाव की प्रक्रिया को सरल बनाने, इंस्टालेशन की दैनिक संख्या बढ़ाने और सभी शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।

पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने लंबित बिजली बिलों की समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अवसर और सुविधा देने विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण को गति देने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में ट्रांसफार्मर क्षमता 24,227 एमवीए से बढ़कर 27,820 एमवीए हो गई है तथा 400/220 केवी, 220/132 केवी और 132/33 केवी उपकेंद्रों के उन्नयन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सौर सुजला योजना, कुसुम योजना, नियद नेल्ला नार एवं ग्राम विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की।

विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत

ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, पीएम सूर्यघर, पीएम जनमन, कृषि पंपों के ऊर्जीकरण, मजराटोला विद्युतीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों में नए उपकेंद्रों की स्थापना, वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने और अंडरग्राउंड केबल सहित विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सीएसपीडीसीएल, सीएसपीजीसीएल, सीएसपीटीसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

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