छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में हाथी के हमले में दंपति की मौत

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में हाथी के हमले में दंपति की मौत

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में हाथी के हमले में दंपति की मौत
Modified Date: June 9, 2026 / 11:31 am IST
Published Date: June 9, 2026 11:31 am IST

बलरामपुर, नौ जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मंगलवार तड़के एक जंगली हाथी के हमले में दंपति की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुंदी गांव में जंगली हाथी के हमले में जूठन गोड़ (65) और उनकी पत्नी सुंदरी बाई (55) की मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि आज तड़के लगभग पांच बजे कुंदी गांव के बांधपारा मोहल्ले के निवासी जूठन और उनकी पत्नी सुंदरी बाई करीब के जंगल की ओर जा रहे थे तभी जंगली हाथी ने उनपर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि इस हमले में दोनों की मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों से इस घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि बाद में दल ने शवों को बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम होने के बाद मृतकों के परिजनों को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी तथा औपचारिकता पूरी होने के बाद परिजनों को शेष 5.75 लाख रुपये दिया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि कल्याणपुर के जंगल में पांच हाथियों का दल विचरण कर रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है।

उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक दशक से अधिक समय से मनुष्य और हाथी के बीच टकराव एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यह समस्या मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में भी फैल गई है।

राज्य के सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, जशपुर और बलरामपुर जिलों में मानव—हाथी टकराव की घटनाएं अधिक होती हैं। क्षेत्र के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में रविवार रात जंगली हाथी के हमले में दो श्रमिकों की मौत हो गई थी।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में हाथियों के हमले में 325 से अधिक लोगों की जान गई है।

भाषा सं संजीव मनीषा अमित

अमित


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