Reported By: Suman Pandey
,रायपुर। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में आरोपी कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को अदालत ने सोमवार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट में पेशी के लिए समय पर न पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए न्यायालय ने चेतावनी दी कि यदि अगली बार ऐसी लापरवाही दोहराई गई तो गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा। देवेंद्र यादव के साथ-साथ इस मामले में आरोपी चंद्रदेव राय और विनोद तिवारी को भी अदालत की नाराजगी झेलनी पड़ी। तीनों के अदालत में अनुशासनहीन और टालमटोल भरे रवैये पर कोर्ट ने स्पष्ट रूप से नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश दिए हैं।
Chhattisgarh News: बता दें कि ED ने छत्तीसगढ़ में जांच के बाद 540 करोड़ के कोल लेवी स्कैम का खुलासा किया था। इसमें IAS रानू साहू के अलावा IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा कांग्रेस नेता और कुछ कारोबारी भी ED के जांच के दायरे में रहे। इन लोगों से पूछताछ की गई है और इनके घरों से कुछ दस्तावेजों को भी जब्त किया गया । ईडी ने पिछले साल 540 करोड़ के अवैध कोल परिवहन का केस दर्ज किया है। कोल परिवहन में कोयला एजेंसियों से प्रति टन 25 रुपए कमीशन वसूलने का आरोप है। ये वसूली सिंडीकेट करता था, सिंडिकेट के लोगों के नाम पर ही FIR हुई है। छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाले मामले में ED की रिपोर्ट पर ACB /EOW ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है।
कोल लेवी घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी बीच अब खबर है कि जांच एजेंसी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर 10 आईएएस-आईपीसी अफ़सरों पर कार्रवाई की अनुशंसा की। सूत्रों की मानें तो ये सभी अधिकारी सभी कोयला घोटाले में शामिल हैं और बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ जैसे कोल बेल्ट जिलों में पिछली सरकार के दौरान कलेक्टर और एसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे।
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