‘शहर में तेजी से बढ़ रहा क्राइम का ग्राफ, भय के साए में जी रहे लोग’, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने बढ़ते अपराध की बताई ये असली वजह

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Crime graph increasing in bilaspur: पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने शहर की कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने ...

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  • Publish Date - August 8, 2022 / 11:58 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:19 PM IST

बिलासपुर। Crime graph increasing in bilaspur: पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने शहर की कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जिस प्रकार से अपराध बढ़ रहे हैं। इसके लिए कांग्रेस सरकार की ढुलमुल नीति जिम्मेवार है। न्यायधानी सहित पूरे प्रदेश में कांग्रेस राज में अपराधियों को संरक्षण देने का काम बखूबी हो रहा है। सत्ता संरक्षण में दिनों दिन अपराध बढ़ रहे हैं। कानून सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अपराध निवारण के लिए सजग एवं सक्रिय तंत्र का नितांत अभाव है। ऐसे में सवाल उठता है कि न्यायधानी की पहरेदारी में ही पुलिसिंग दोयम दर्जे की हो गई हो, तो आम आदमी भला कैसे सुरक्षित महसूस करेगा।

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पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने आरोप लगाया कि आपसी प्रतिस्पर्धा से अपराधियों को संरक्षण देने की प्रवृति के कारण शांत शहर अपराधियों का गढ़ बन गया है। शहरवासियों के मन में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। शहर में एक दिन भी ऐसा नहीं निकलता जब चोरी, लूट, हत्या और दुष्कर्म से लेकर चाकूबाजी की घटनाएं न हो। अमर अग्रवाल ने कहा सरकारी जमीन के दस्तावेज बदलने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी माफिया अब भी रेत का उत्खनन और परिवहन कर रहे हैं। सीएम के शहर प्रवास के दौरान तालापारा में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी जाती है। जिला एवं पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे न्यायधानी बिलासपुर में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था लूट ,गुंडागर्दी, डकैती, हत्या, छेड़छाड़, बलात्कार, वसूली, कब्जा आदि घटनाओं से बिलासपुर जैसे शांत शहर में नागरिक जीवन असुरक्षित हो गया है।

नशेखोरी की वजह से बढ़ रहा अपराध: अमर अग्रवाल

पूर्व मंत्री ने कहा  कि दो साल पूर्व दायर जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय ने न्यायधानी की पुलिसिंग पर सख्त टिप्पणी की थी। जवाब में सरकार ने चुनाव में व्यस्तता का हवाला दिया था। आज हालात और बदतर हो गए हैं। नशे की आड़ में अपराध का कारोबार न्यायधानी को जकड़ते जा रहा है, जो कि पुलिस प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को संज्ञान लेकर महानगर का स्वरूप ले रहे न्यायधानी बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में बढ़ते अपराध पर नकेल कसनी चाहिये।

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‘वर्दीधारी भी सुरक्षित नहीं’

अग्रवाल ने कहा कि अपराधियों के हौसले इस हद तक बुलंद हो गए हैं कि पुलिस, पत्रकार और अधिकारी भी सुरक्षित नहीं है।
कुछ माह पहले एक बार मे बाउंसर की दो महिला डीएसपी के साथ हुई झड़प और दुर्व्यवहार की घटना हुई थी। ग्राम घुटकू में कांस्टेबल एम जायसवाल पर हमला हुआ। पचपेड़ी क्षेत्र के घोराडीह में जुआ पकड़ने गए हेड कांस्टेबल कुर्रे, सिपाही पर हमला हुआ। सकरी थाना के कांस्टेबल हमला हुआ। मस्तूरी थाने के कांस्टेबल को उन्ही का डंडा छीनकर पीटा गया। तखतपुर थाना क्षेत्र के जूनापुर चौकी में कांस्टेबल पर हमला हुआ।  उनकी वर्दी फाड़ दी गई। शिक्षक कॉलोनी में हेड कांस्टेबल धनेष साहू से मारपीट हुई। पिछले तीन सालों में 700 से ज्यादा मामले घटित होना पाया गया। नशे में बेसुध होकर चाकूबाजी का घटनाक्रम फैशनट्रेंड हो गया है।