Dhamtari POCSO Case: छत्तीसगढ़ में मासूम बच्चियों से दरिंदगी करने वालों को नहीं मिलेगी माफी! कोर्ट ने तीन दरिंदों को सुनाई कड़ी सजा
Dhamtari POCSO Case: छत्तीसगढ़ में मासूमों के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपियों को अदालत ने 20-20 साल की सजा सुनाई है।
Dhamtari POCSO Case/image source: ibc24 file image
- पॉक्सो एक्ट के तीन मामलों में कोर्ट का बड़ा फैसला
- तीनों आरोपियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा
- वैज्ञानिक जांच और मजबूत पैरवी से मिली दोषियों को कठोर सजा
Dhamtari POCSO Case: धमतरी में मासूमों के साथ दरिंदगी करने वालों के खिलाफ न्यायालय ने बड़ा और सख्त संदेश दिया है। पॉक्सो एक्ट के तीन अलग-अलग मामलों में अदालत ने तीन आरोपियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इन मामलों में पुलिस की वैज्ञानिक जांच, मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी ने आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया धमतरी पुलिस इसे बच्चों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की बड़ी सफलता मान रही है।
धमतरी जिले में पॉक्सो एक्ट (Dhamtari POCSO Case) के मामलों में अदालत का यह फैसला उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं.. पहला मामला थाना अर्जुनी क्षेत्र का है जहां आरोपी तोरण लाल जोशी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने मजबूत साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जिसके आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।
वहीं दूसरा मामला थाना भखारा क्षेत्र का है। यहां आरोपी सागर उर्फ करण साहू को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया गया। न्यायालय (Dhamtari POCSO Case) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को भी 20 साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। तीसरा मामला थाना सिहावा क्षेत्र का है जहां आरोपी नरेंद्र कुमार मंडावी पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप था। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और केस डायरी को मजबूत बनाया। जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अलग-अलग मामलों में 20-20 साल की सजा
धमतरी पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों में जांच बेहद गंभीरता और पेशेवर दक्षता के साथ की गई..वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, पीड़ित पक्ष की सुरक्षा और मजबूत पैरवी के चलते आरोपियों को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पॉक्सो एक्ट के मामलों में त्वरित कार्रवाई और दोषियों को सजा दिलाना प्राथमिकता में शामिल है। धमतरी में पॉक्सो एक्ट (Dhamtari POCSO Case) के तीन अलग-अलग मामलों में अदालत द्वारा सुनाई गई 20-20 साल की सजा ने यह साफ कर दिया है कि मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की वैज्ञानिक जांच और मजबूत पैरवी ने इन मामलों में न्याय दिलाने का काम किया है। अब इस फैसले को समाज में एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
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