Dr Budhri Tati Padma Shri 2026: कौन है छत्तीसगढ़ की ये महान समाजसेवी? जिसने बदली हजारों आदिवासियों की जिंदगी, अब मिला पद्मश्री

Ads

Dr Budhri Tati Padma Shri 2026: बस्तर की प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. बुधरी ताती को उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया।

  •  
  • Publish Date - June 24, 2026 / 07:58 AM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 08:01 AM IST

Dr Budhri Tati Padma Shri 2026/Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • डॉ. बुधरी ताती को समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान मिला
  • पिछले 40 वर्षों से बस्तर के आदिवासी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण के लिए कार्यरत हैं
  • उनके प्रयासों से हजारों आदिवासी महिलाएं और बेटियां आत्मनिर्भर बनीं तथा शिक्षा से जुड़ीं

नई दिल्ली। Dr Budhri Tati Padma Shri 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. बुधरी ताती को समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ के बस्तर में रहने वाली डॉ. ताती आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं को शिक्षित करने और उन्हें स्वरोजगार द्वारा आत्मनिर्भर बनाने के अपने निरंतर प्रयासों के लिए जानी जाती हैं। वर्ष 1986 में, इन्होंने बस्तर जिले में, महिला जागरूकता और सशक्तीकरण के एक केंद्र के रूप में बारसूर को स्थापित किया। इन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक सेवा गतिविधियों में भी भाग लिया है। तो आइए जानते है कौन है ये समाज सेवी।

बस्तर संभाग के सुदूर, दुर्गम और नक्सल प्रभावित वनांचलों में स्वास्थ्य सेवा, कुपोषण के खिलाफ संघर्ष, बालिका शिक्षा, नशामुक्ति और महिला सशक्तीकरण की अलख जगाने वाले छत्तीसगढ़ के महान समाजसेवी -डॉ. बुधरी ताती (‘बड़ी दीदी’) को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म पुरस्कार’ (Padma Shri Award 2026) से सम्मानित किया गया। उन्होंने पिछले चार दशकों से जनजातीय और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। (Padma Awards 2026)

500 गाँवों तक पैदल पहुँचकर सामाजिक परिवर्तन की अलख जगाने वाली महानायिका

Budhri Tati Biography छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर स्थित दंतेवाड़ा जिले के हीरानार गाँव की रहने वाली डॉ. बुधरी ताती को बस्तर अंचल का जनजातीय समाज अत्यंत सम्मान और स्नेह के साथ ‘बड़ी दीदी’ कहकर पुकारता है। पिछले चार दशकों से अधिक समय से वे सुदूर वनांचलों में वनवासी कल्याण, बालिका शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किए हुए हैं। इसी मूक साधना और समाजसेवा के लिए उन्हें ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया।

जब रास्ते नहीं थे, तब बनीं सहारा

Dr Budhri Tati Padma Shri 2026 डॉ. बुधरी ताती की सेवा यात्रा वर्ष 1984 में शुरू हुई थी, जब बस्तर के घने जंगलों में न सड़कें थीं, न मोबाइल नेटवर्क और न ही बुनियादी सुविधाएँ। उस दौर में आदिवासी समाज के बीच जाकर उनका विश्वास जीतना किसी चुनौती से कम नहीं था।

‘बड़ी दीदी’ ने अबूझमाड़ और दंतेवाड़ा के नक्सल प्रभावित घने जंगलों के बीच सैकड़ों गाँवों की पैदल यात्राएँ कीं। उस समय वनवासी परिवार पूरी तरह वनोपज और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर थे, जिसके कारण बच्चों की शिक्षा उपेक्षित रह जाती थी। बुधरी ताती ने माता-पिता को धैर्यपूर्वक समझाया कि शिक्षा ही उनके बच्चों के भविष्य को बदल सकती है और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ सकती है।

महिला सशक्तीकरण की नई इबारत

Dr Budhri Tati Padma Shri 2026 ‘बड़ी दीदी’ ने केवल बच्चों को स्कूल भेजने तक अपना कार्य सीमित नहीं रखा, बल्कि आदिवासी महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए भी उल्लेखनीय कार्य किए।उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सिलाई-कढ़ाई एवं हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किए। उनके प्रयासों से अनेक आदिवासी महिलाएँ आत्मनिर्भर बनकर अपने पैरों पर खड़ी हुईं। उनकी प्रेरणा से कई आदिवासी बेटियाँ आज विभिन्न अस्पतालों में नर्स के रूप में कार्यरत हैं। (Padma Shri Recipient Chhattisgarh)

ये भी पढ़ें

डॉ. बुधरी ताती कौन हैं?

डॉ. बुधरी ताती छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की प्रसिद्ध समाजसेवी हैं, जिन्हें लोग प्यार से ‘बड़ी दीदी’ कहते हैं।

डॉ. बुधरी ताती को कौन सा सम्मान मिला है?

उन्हें वर्ष 2026 में समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है।

उन्होंने किन क्षेत्रों में काम किया है?

उन्होंने आदिवासी शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य सेवा, कुपोषण उन्मूलन, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य किया है।

‘बड़ी दीदी’ नाम से उन्हें क्यों जाना जाता है?

बस्तर के जनजातीय समाज में उनके स्नेह, सेवा और समर्पण के कारण लोग उन्हें सम्मानपूर्वक ‘बड़ी दीदी’ कहकर पुकारते हैं।

डॉ. बुधरी ताती का सबसे बड़ा योगदान क्या माना जाता है?

दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना और महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना उनका सबसे बड़ा योगदान माना जाता है।