Droupadi Murmu MP Visit: राष्ट्रपति मुर्मू आज ओंकारेश्वर में सिकल सेल कार्यक्रम में होंगी शामिल, इन ग्राम पंचायतों को करेंगी सम्मानित, जानें पूरा शेड्यूल
Droupadi Murmu MP Visit: द्रौपदी मुर्मू पांच दिवसीय मध्यप्रदेश दौरे पर हैं। आज अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगी।
Droupadi Murmu/ /Image: IBC24 File
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश पहुंचीं
- आज ओंकारेश्वर में अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में होंगी शामिल
- 21 जून को जबलपुर में योग दिवस और दीक्षांत समारोह में लेंगी भाग
खंडवा। Droupadi Murmu MP Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच दिवसीय दौरे पर गुरूवार को मध्यप्रदेश पहुंचीं। इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनकी अगवानी की। इस दौरान 18 जून को वे ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन और आरती में शामिल हुई और बैतूल में ब्रह्मकुमारी संस्थान के एक कार्यक्रम में भी शिरकत की।
तीन ग्राम पंचायतों को करेंगी सम्मानित
वहीं, दौरा कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति आज 19 जून को अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में सिकलसेल, रक्तदान से संबंधित स्वयंसेवकों और सरपंचों का सम्मान होगा। सुबह 10 बजे आयोजित समारोह में शामिल होने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ओंकारेश्वर से इंदौर के लिए रवाना होंगी। समारोह में 100 फीसदी सिकलसेल के मरीजों की स्क्रीनिंग का काम पूरा करने वाले पहली तीन ग्राम पंचायतों को खंडवा जिले से चुना गया है। स्वास्थ्य विभाग तीन सीएचओ सहित ग्राम पंचायत खेड़ी, कुम्हारखेड़ा और डाबिया (रोशनी) के सरपंचों का सम्मान राष्ट्रपति करेंगी। गौरतलब है 2022 से शुरू सिकलसेल एनीमिया की स्क्रीनिंग अभियान में आदिवासी ब्लॉक खालवा की सभी ग्राम पंचायतों में जांच शुरू हुई थी।
सिकल सेल रोग उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कदम
आपको बता दें कि सिकल सेल रोग उन्मूलन की दिशा में मध्यप्रदेश लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्क्रीनिंग अभियान चलाकर अब तक 1 करोड़ 32 लाख 43 हजार 877 से अधिक लोगों की सिकल सेल जांच की जा चुकी है। इनमें 39 हजार 948 रोगियों और 2 लाख 42 हजार 648 कैरियर की पहचान की गई। 1 करोड़ 20 लाख 28 हजार 881 से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं और 3,700 सिकल मित्रों को समुदाय आधारित जागरूकता एवं सहयोग के लिए प्रशिक्षित किया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति 20 जून की शाम जबलपुर पहुंचेंगी। वह शहर में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति 22 जून को कूनो राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण करेंगी और इसके बाद दिल्ली लौट जाएंगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के पांच दिवसीय प्रदेश दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
भारत में 1952 के दौरान चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था। शिकार और अन्य इंसानी गतिविधियों के कारण चीतों की प्राकृतिक बसाहटें खत्म होना उनके विलुप्त होने की मुख्य वजहें मानी गईं। वर्ष 2022 में शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीतों को लाकर मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया था। यह दुनिया की पहली ऐसी परियोजना थी जिसमें बड़े जंगली मांसाहारी जानवरों को एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप में स्थानांतरित किया गया।
ये भी पढ़ें
- Sakti Minor Girl Rape Case: इंस्टाग्राम फ्रेंड निकला दरिंदा, नाबालिग को रायपुर ले जाकर किया घिनौना कांड… करतूत सुन कांप उठेंगे
- Friday Ka Rashifal: आज से शुरू होगा इन राशि के जातकों का शुभ समय, हर कार्य में मिलेगी तरक्की, एक क्लिक में जानें क्या कहते हैं आपके सितारें
- शह मात The Big Debate: और कितने अलग प्रदेश? मध्य प्रदेश के बंटवारे की चर्चा फिर तेज! क्या है जबलपुर से उपेक्षा के आरोपों की सच्चाई?

Facebook


