शह मात The Big Debate: भीषण है ये रण.. विदेशी पैसों से धर्मांतरण! छत्तीसगढ़ के इन जिलों में की गई फंडिंग, आखिर किस-किसकों बांटा गया विदेशी पैसा?
Foreign Funding in CG: प्रवर्तन निदेशालय यानि ED के एक प्रेस-नोट ने छत्तीसगढ़ में सियासी संग्राम छेड़ दिया है।
Foreign Funding in CG || Image- IBC24 News Symbolic File
- प्रवर्तन निदेशालय यानि ED के एक प्रेस-नोट ने छत्तीसगढ़ में सियासी संग्राम छेड़ दिया है।
- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित धमतरी,बस्तर जिलों में महज एक साल में साढ़े 6 करोड़ की फंडिग की गई।
- पूरे देश में 95 करोड़ की विदेशी फंडिंग का पता चला है।
Foreign Funding in CG: रायपुर: प्रवर्तन निदेशालय यानि ED के एक प्रेस-नोट ने छत्तीसगढ़ में सियासी संग्राम छेड़ दिया है। ED के प्रेस नोट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित धमतरी,bastar news ibc24 जिलों में महज एक साल में साढ़े 6 करोड़ की फंडिग की गई,जबकि पूरे देश में 95 करोड़ की विदेशी फंडिंग का पता चला है। इस नेटवर्क में शामिल TTI भारत में FCRA यानि- फॉरेंन कन्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत रजिस्टर्ड नहीं है। ED के खुलासे पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जरुरत पड़ी तो ED आगे भी जांच और एक्शन ले सकती है।
वहीं, इस खुलासे पर BJP-कांग्रेस में जुबानी जंग शुरू हो चुकी है। सांसद संतोष पांडे से इसे सीधे-सीधे पिछली कांग्रेस सरकार से जोड़ा, (Foreign Funding in CG) कहा गंभीरता से जांच होनी चाहिए कि कि पूर्व CM भूपेश के पिता नंद कुमार बघेल कहां-कहां जाते थे, किससे मिलते थे। तंज कसा कि इसीलिए कांंग्रेस सरकार ने ED को प्रदेश में आने से रोका था।
उधर, सांसद संतोष पांडे के आरोप का जवाब दिया, पूर्व डिप्टी CM टी एस सिंहदेव ने, कहा कि अगर संतोष पांडेय को जानकारी थी, तो उनपर करवाई क्यों नहीं की गई, सांसद संतोष पाण्डेय पर तो देशद्रोह का मुकदमा होना चाहिए।
मुद्दा नया नहीं है, पहले भी नक्सलियों और धर्मांतरण से जुड़ी संस्थाओं को विदेशी फंडिंग का आरोप लगता रहा है। (Foreign Funding in CG) प्रारंभिक जांच में इसके जुड़े तथ्यों के जांच का दावा भी किया गया लेकिन विदेशी फंडिंग को लेकर पुख्ता और पूरी जानकारी कभी सामने नहीं आई, तो क्या इस बार दावे के मुताबिक धर्मांतरण और नक्सलियों को विदेशी मदद का पूरा सच सामने आएगा?
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