Home » Chhattisgarh » Hostel Superintendent: Promised to make him hostel superintendent, then swindled lakhs, case registered against this thug from Chhattisgarh, police on the lookout
Hostel Superintendent: छात्रावास अधीक्षक बनाने का वादा, फिर ठग लिए लाखों, छत्तीसगढ़ के इस ठग पर केस दर्ज, तलाश में जुटी पुलिस
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छात्रावास अधीक्षक बनाने का वादा, फिर ठग लिए लाखों, छत्तीसगढ़ के इस ठग पर केस दर्ज...Hostel Superintendent: Promised to make him hostel
पेंड्रा: Hostel Superintendent: मरवाही पुलिस ने राकेश तिवारी के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है जो कोरबा का रहने वाला है। आरोप है कि कोरबा ज़िले के निवासी राकेश तिवारी ने मरवाही की निवासी स्नेहलता शर्मा से छात्रावास अधीक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख 50 हज़ार रुपये की ठगी की।
Hostel Superintendent: स्नेहलता शर्मा ने अपनी शिकायत में बताया है कि राकेश तिवारी ने पहले 1 लाख रुपये नकद और फिर 2 लाख 50 हज़ार रुपये फोन पे के माध्यम से लिए। जब उसने नौकरी नहीं लगवाई और पैसे वापस माँगे, तो उसने देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने इस मामले में जाँच शुरू कर दी है और आरोपी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस ने स्नेहलता शर्मा का बयान दर्ज किया है और फोन पे के माध्यम से पैसे ट्रांसफ़र करने के सबूत इकट्ठा किए हैं।
Hostel Superintendent: गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, जिनमें माधुरी उईके और राजेश उपाध्याय शामिल हैं। पुलिस अब आरोपी राकेश तिवारी की तलाश में है और जल्द ही उसे गिरफ़्तार कर सकती है। आरोपी ने नौकरी दिलाने के नाम पर एक महिला से बड़ी रकम ऐंठ ली। पुलिस इस मामले में आरोपी के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
"धोखाधड़ी" के इस मामले में किसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है?
एफआईआर कोरबा निवासी राकेश तिवारी के खिलाफ दर्ज की गई है, जिसने मरवाही की महिला स्नेहलता शर्मा से नौकरी दिलाने के नाम पर 3.50 लाख रुपये की ठगी की।
"धोखाधड़ी" के तहत पुलिस ने कौन-कौन से सबूत इकट्ठा किए हैं?
पुलिस ने फोन पे से ट्रांसफर की गई राशि के डिजिटल रिकॉर्ड, नकद लेन-देन का विवरण, और गवाहों के बयान (जैसे माधुरी उईके और राजेश उपाध्याय) एकत्र किए हैं।
क्या "धोखाधड़ी" के आरोपी राकेश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है?
नहीं, अभी तक आरोपी फरार है लेकिन पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना है।
"धोखाधड़ी" की शिकायत किसने और कैसे दर्ज कराई थी?
यह शिकायत स्नेहलता शर्मा ने की, जिन्होंने पहले 1 लाख नकद और फिर 2.50 लाख रुपये फोन पे से ट्रांसफर किए थे। जब नौकरी नहीं लगी और पैसे मांगे गए, तो आरोपी ने मना कर दिया।
IPC की कौन सी धारा इस "धोखाधड़ी" के मामले में लागू की गई है?
आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति प्राप्त करना) के तहत केस दर्ज किया गया है।