Indian Railway: पटरी से उतरी रेलवे की ‘जलसेवा’.. गला तर करने यात्रियों को खर्च करने पड़ रहे हैं इतने रुपए, जानिए क्यों उपजी ये अव्यवस्था?

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पटरी से उतरी रेलवे की 'जलसेवा'.. गला तर करने यात्रियों को खर्च करने पड़ रहे हैं इतने रुपए, Indian Railway Latest News

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  • Publish Date - March 21, 2026 / 10:59 PM IST,
    Updated On - March 21, 2026 / 11:02 PM IST

Indian Railway Latest News. Image Source- IBC24

रायपुरः Indian Railway: मार्च का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है और सूरज के तेवर तल्ख होने लगे हैं। भीषण गर्मी के बीच अब छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए ‘गले की प्यास’ बुझाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। रेलवे स्टेशनों पर ‘रेल नीर’ की भारी किल्लत है। बिलासपुर का प्लांट बंद होने और नागपुर से सप्लाई न मिल पाने के कारण यात्रियों को निजी कंपनियों का पानी महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। वेंडर ₹14 की बोतल के ₹20 वसूल रहे हैं।

Indian Railway: गर्मी की शुरुआत के साथ ही रेलवे की ‘जल सेवा’ पटरी से उतर गई है। बिलासपुर का रेल नीर प्लांट तकनीकी कारणों से लंबे समय से ताला लटकाए खड़ा है। उम्मीद थी कि नागपुर से आपूर्ति होगी, लेकिन वहां से भी डिमांड पूरी नहीं हो पा रही। आलम यह है कि स्टेशनों पर सरकारी ‘रेल नीर’ नदारद है। विकल्प के तौर पर रेलवे ने प्राइवेट कंपनियों को अनुमति तो दी है, लेकिन यात्रियों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। नियम कहते हैं कि पानी की बोतल ₹14 में मिलनी चाहिए, लेकिन ग्राउंड जीरो पर हकीकत कुछ और है। स्टेशन और ट्रेनों में मौजूद वेंडर्स खुलेआम ₹20 वसूल रहे हैं। तर्क दिया जा रहा है कि ‘ठंडा करने का चार्ज’ है या फिर ‘स्टॉक कम है’। यात्री अगर विरोध करते हैं, तो उन्हें पानी देने से मना कर दिया जाता है। भीषण गर्मी में प्यासा यात्री ₹6 के लिए बहस करने के बजाय चुपचाप ज्यादा पैसे देने को मजबूर है।

अब सवाल यह है कि क्या रेलवे की विजिलेंस टीम इन वेंडर्स पर नकेल कसेगी? या फिर इस पूरी गर्मी में यात्रियों का गला इसी तरह ‘महंगे पानी’ से सूखता रहेगा? और क्या रेल प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागेगा? क्या बिलासपुर का प्लांट फिर से शुरू होगा या यात्री इसी तरह भीषण गर्मी में ‘महंगे पानी’ की मार झेलते रहेंगे?

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