मीडिया से रूबरू हुए झारखंड के विधायक, कहा- जब घर में चोरी का डर, तो लगाना पड़ता है मजबूत ताला
Jharkhand MLAs interacted with the media : मीडिया से रूबरू हुए झारखंड के विधायक, कहा- जब घर में चोरी का डर, तो लगाना पड़ता है मजबूत ताला
रायपुरः झारखंड में सियासी संकट जारी है, सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता खतरे में है, और महागठबंधन के विधायकों को टूटने से बचाने के लिए रायपुर लाया गया है। विधायकों को एक रिसॉर्ट में ठहराया गया है। आज झारखंड के विधायक पहली बार मीडिया के सामने आए।
कांग्रेस विधायक दीपिका पांडे सिंह ने कहा, एक बार ठाकरे जी (महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे) से पूछ लीजिए। किस तरह से परिस्थतियां बनाई जाती हैं। किस तरह से ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल करके देश में लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है। दीपिका ने कहा, यह सवाल असम के समय क्यों नहीं हुआ जब महाराष्ट्र के लोगों का तमाशा बनाया जा रहा था। हम लोग तो अपनी प्राइवेसी में अपने खर्चे पर रहने वाले विधायक हैं। हमें किसी से किसी तरह के पैसे खर्च कराने की जरूरत नहीं है। लेकिन आज यह परिस्थिति ही क्यों आई। आपके घर में चोरी का डर होगा तो अपने घर का ताला मजबूत करेंगे कि नहीं। हम लोग बहुमत की सरकार को बचाना चाहते है और यह हमारा अधिकार है कि हम लोकतंत्र की रक्षा करें। झारखंड में हम 50 से ज्यादा विधायक हैं, लेकिन हमें अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है, जो शर्मनाक है।
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यह सवाल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से होने चाहिए कि क्या मजबूरी हुई कि विधायकों को अपना काम छोड़कर यहां रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, झारखंड कैबिनेट ने ऐसे फैसले लिए हैं कि वहां उल्लास का माहौल है। हम उनकी खुशियों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। हम उनकी तकलीफ में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा, भाजपा शुरू से ही विधायकों को तोड़ने की कोशिश में है। लेकिन हम लोग नहीं टूटे। यहां भी हम लोग एकजुटता दिखाने के लिए ही आए हैं। उन्होंने कहा, भाजपा ने अब यह अफवाह उड़ा दिया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस्तीफा देने जा रहे हैं। ऐसा कुछ नहीं है। सरकार को कोई खतरा नहीं है। सभी विधायक एकजुट हैं।
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बता दें कि आज झारखंड में सियासी संकट के बीच सोरेन कैबिनेट की बैठक हुई। सरकार ने 5 सितंबर को विधानसभा का सत्र बुलाया है।सरकार की ओर से बताया गया कि एक दिन का मानसून सत्र छूट गया था जिसे 5 सितंबर को बुलाया गया है। माना जा रहा है कि इसके जरिए सरकार दिल्ली की केजरीवाल सरकार की तरह खुद ही विधानसभा में विश्वास मत पारित कर सकती है। कैबिनेट मीटिंग में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने को मंजूरी दी गई है। ये आज से ही लागू होगी। बैठक में कुल 25 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है।

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