Korba Me Malaria: छत्तीसगढ़ में मलेरिया का कहर, यहां इतने छात्रों की हो गई मौत, 10 से ज्यादा चपेट में /image: IBC24
कांकेर। Kanker Me Malaria: बरसात के मौसम आते ही मलेरिया के मामलों में बढ़ोत्तरी देखने को मिलती है। अगर समय पर उचित इलाज नहीं किया गया तो जानलेवा भी बन सकती है। इसी बीच छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मलेरिया से दो छात्रों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि मृतक दोनों छात्र अलग-अलग छात्रावास के थे जिनकी मलेरिया की चपेट में आने से मौत हो गई।
Kanker Me Malaria मिली जानकारी के अनुसार, जिले के मर्दापोटी और इरादाह के छात्रावास में 11 से अधिक छात्र मलेरिया पॉजिटिव है। वहीं दो की मौत हो चुकी है। जबकि एक की हालत गंभीर है और उसका इलाज जारी है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित छात्रावासों में कैंप लगाकर छात्रों की जांच, और दवा वितरण कर रही है।
आपको बता दें कि, इससे पहले बिलासपुर (Bilaspur Malaria) जिले के औरापानी और नवाडीह गांव में चार बच्चों में मलेरिया की पुष्टि हुई थी, चारों बच्चों को सिम्स अस्पताल बिलासपुर रेफर किया गया है, जहां इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर जांच अभियान तेज कर दिया है, जबकि कलेक्टर ने भी हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
Kanker Me Malaria गौरतलब है कि कोटा विकासखंड के 72 गांव पहले से ही मलेरिया प्रभावित घोषित हैं। हर साल बरसात के मौसम में मामले बढ़ने लगते है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में अपनी जांच कराएं। सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करें, घर के आसपास पानी जमा न होने दें और किसी भी शुरुआती लक्षण को बिल्कुल नजरअंदाज न करें।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक बस्तर संभाग में 8,426 मलेरिया के मरीज सामने आए हैं। इनमें 254 मरीज मिक्स मलेरिया पॉजिटिव मिले हैं। अगर नजर डाले जिलेवार आकड़ों में तो सबसे ज्यादा 3,173 मरीज बीजापुर से सामने आए हैं। इसके बाद सुकमा में 1,686, दंतेवाड़ा में 1,344, नारायणपुर में 896, बस्तर में 809, कोंडागांव में 329 और कांकेर में 189 मलेरिया के मरीज सामने आए हैं।
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