Christian Pastors Banned In CG Village : गांव के बाहर टांग दिया बोर्ड, पादरी-पास्टरों के घुसने पर लगा बैन, छत्तीसगढ़ के इस इलाके में धर्मांतरण के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

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भानुप्रतापपुर के बड़े परली गांव में ग्रामसभा के निर्णय के बाद धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर पादरी और पास्टरों के प्रवेश पर प्रतिबंध का सूचना बोर्ड लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के संरक्षण के लिए लिया गया है।

  • Reported By: Akhilesh Shukla

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 06:18 PM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 06:22 PM IST

Christian Pastors Banned In CG Village / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • बड़े परली गांव में पादरी और पास्टरों के प्रवेश पर प्रतिबंध का बोर्ड लगाया गया।
  • बड़े परली गांव में पादरी और पास्टरों के प्रवेश पर प्रतिबंध का बोर्ड लगाया गया।
  • फैसला आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता के संरक्षण के उद्देश्य से लिया गया।

भानुप्रतापपुर : Christian Pastors Banned In CG Village :  छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर ज़िले के दुर्गूकोन्दल ब्लॉक के अंतिम छोर में बसे ग्राम बड़े परली में धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर एक सूचना बोर्ड लगाया गया है जिसमें ईसाई धर्म प्रचारक पादरी एवं पास्टरों के गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी गई है। ग्रामीणों के अनुसार आदिवासी संस्कृति, परंपरा, रीति -रिवाज ,देवी देवता में आस्था एवं सामाजिक एकजुटता के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा कर यह निर्णय ग्रामसभा के बाद लिया गया।

ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद लिया गया निर्णय

ग्रामीणों का कहना है कि धर्म परिवर्तन के बाद कुछ लोगों के गांव की परंपराओं, पूजा-पद्धति, देवी-देवताओं एवं सामाजिक व्यवस्थाओं से दूरी बनाने के कारण विवाद की स्थिति समय-समय पर उत्पन्न होती रहती है।Tribal Culture Protection Kanker  इसी को देखते हुए ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर धर्मांतरण गतिविधियों के उद्देश्य से आने वाले पादरी-पास्टरों के गांव में प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में गांव में सूचना बोर्ड भी स्थापित किया गया है।

एकता आदिवासी समाज की पहचान

जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र टेकाम ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और सामाजिक एकता उसकी सबसे बड़ी पहचान है, उन्होंने ग्रामीणों से अपनी संस्कृति विरासत एवं पूर्वजों की धरोहर के संरक्षण के लिए जागरूक और संगठित रहने कि बात कि। जिसमें मुख्य रूप से ग्राम गायत दुर्जन कुमेटी, ग्राम पटेल सनऊ उयके, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र टेकाम, सरपंच प्रतिनिधि मानिक कडियाम, पूर्व जनपद सदस्य नागसाय तुलावी, बहादुर तुलावी शंकर तुलावी, सतीश जैन ,बिसेन पुडो ,मुकेश गावडे, सदन लाल माहवे, अर्जुन उयका, धनीराम सोरी, रैजू कोमरा, राम सिंह कोमरा, भुनेश माहवे, हीरालाल नरेटी, सदेन सोरी दुक्का नरेटी, दशरथ जैन, सोमजी नरेटी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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