Kondagao Church Pastors Appointment Dispute / Image Source : FILE
कोण्डागांव : Kondagao Church Pastors Appointment Dispute : जिला मुख्यालय कोण्डागांव स्थित डैनियल मेमोरियल मेथोडिस्ट चर्च में शुक्रवार को नए पास्टर की नियुक्ति को लेकर विवाद सामने आया। चर्च परिसर में समाज के लोग दो गुटों में बंटे नजर आए। एक पक्ष ने नवपदस्थ पास्टर सुरेश कुमार की नियुक्ति का विरोध करते हुए उन्हें हटाने की मांग की, जबकि दूसरे पक्ष ने संस्था के निर्णय का समर्थन करते हुए नियुक्ति को वैध बताया।
चर्च सदस्य नीलेश मसीह ने आरोप लगाया कि समाज का एक बड़ा वर्ग पास्टर सुरेश कुमार की नियुक्ति नहीं चाहता। उनका कहना है कि सुरेश कुमार का पूर्व कार्यकाल विवादित रहा है और उनके खिलाफ जमीन बेचने, समाज के लोगों को बाहर करने जैसे आरोप लगे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। नीलेश मसीह के अनुसार, चर्च आने से पहले ही सुरेश कुमार ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर समाज को विभाजित करने का प्रयास किया और ऐसे मामलों को प्रशासन तक ले गए, जिन्हें समाज के भीतर बैठकर सुलझाया जा सकता था। उन्होंने संस्था से पास्टर बदलने की मांग की।
Kondagaon Methodist Church Dispute Pastors Appointment वहीं दूसरे पक्ष के नरेंद्र कुमार सिंह ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पास्टर सुरेश कुमार की नियुक्ति चर्च की सर्वोच्च संस्था और ट्रस्ट के आदेश से हुई है। यदि किसी को आपत्ति है तो उसे प्रमाण सहित संस्था के समक्ष रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नए पास्टर के आने पर चर्च भवन में ताला लगा दिया गया, जिसके कारण उन्हें किराए के मकान में रहना पड़ रहा है। उनका कहना है कि संस्था के आदेश का सम्मान करते हुए सभी पक्षों को आपसी चर्चा से समाधान निकालना चाहिए।
इस मामले में पास्टर इनचार्ज एवं जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि उनका स्थानांतरण संस्था के आदेश पर हुआ है और वे अपनी इच्छा से यहां नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि नियुक्ति का विरोध करने वाले लोग संस्था के उच्च अधिकारियों से भी मिले थे, लेकिन वहां से भी स्थानांतरण नहीं किए जाने का निर्णय दिया गया। सुरेश कुमार का आरोप है कि उन्होंने कार्यभार सौंपने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें चार्ज नहीं दिया गया। साथ ही उन्हें एक पत्र भेजकर चर्च में प्रवेश करने पर अप्रिय घटना होने की चेतावनी भी दी गई।
Church Building Lock Conflict Kondagaon सुरेश कुमार ने यह भी कहा कि वे केवल चर्च के पास्टर इनचार्ज ही नहीं, बल्कि जिला अध्यक्ष और संस्था की ओर से संपत्तियों के अधिकृत संरक्षक भी हैं। उन्होंने दावा किया कि चर्च में वर्षों से वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उनके अनुसार वर्ष 2018 से बैंकिंग लेनदेन बंद कर करीब एक करोड़ रुपये का नकद लेनदेन किया गया, जो चर्च की आचार संहिता के विपरीत है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी गबन का आरोप नहीं लगा रहे हैं, बल्कि संस्था के नियमों के उल्लंघन की बात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की संस्था की जांच समिति पहले ही जांच कर चुकी है और आरोप सही नहीं पाए जाने के बाद ही उन्हें पदोन्नति देकर कोण्डागांव भेजा गया है।
फिलहाल इस विवाद को लेकर चर्च समाज दो गुटों में बंटा हुआ है। एक पक्ष नए पास्टर को हटाने की मांग पर अड़ा है, जबकि दूसरा पक्ष संस्था के आदेश को सर्वोपरि बताते हुए सुरेश कुमार को कार्यभार सौंपने की बात कह रहा है। मामले का समाधान अब चर्च प्रबंधन और संबंधित संस्था के स्तर पर होने की संभावना है।
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