Datia By Election BJP Candidate Name: नरोत्तम मिश्रा दरकिनार, आशुतोष बने उम्मीदवार.. भाजपा ने आखिर क्यों खेला नए चेहरे पर दांव, यहां पढ़ें फैसले के पीछे की चार वजहें..

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Datia By Election BJP Candidate Ashutosh Tiwari: भाजपा ने दतिया उपचुनाव में आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया, नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, रणनीति पर चर्चा तेज।

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 07:46 PM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 07:46 PM IST

Datia By Election BJP Candidate Ashutosh Tiwari || AI Genrated File

HIGHLIGHTS
  • आशुतोष तिवारी बने भाजपा उम्मीदवार।
  • नरोत्तम मिश्रा को नहीं मिला टिकट।
  • नए चेहरे के पीछे चार रणनीतिक वजहें।

दतिया: भारतीय जनता पार्टी ने दतिया उप चुनाव के लिए उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। (Datia By Election BJP Candidate Ashutosh Tiwari) भाजपा ने अप्रत्याशित तरीके से यहाँ के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। आशुतोष तिवारी भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री बताये जा रहे हैं।

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पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का जताया आभार

टिकट फाइनल होने बाद बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने IBC24 से खास बातचीत की है। उन्होंने टिकट मिलने पर केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया है। नरोत्तम मिश्रा के सवाल पर भाजपा उम्मीदवार आशुतोष ने कहा कि, वह हमारे लीडर है, मेरे अभिभावक है, उनका आशीर्वाद हमारे साथ है। दतिया में कार्यकर्ताओं की नाराजगी के सवाल पर आशुतोष तिवारी ने कहा कि, दतिया में कोई विरोध नहीं है।

आशुतोष तिवारी का भाजपा में भूमिका

भाजपा ने आधिकारिक रूप से आशुतोष तिवारी को दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का उम्मीदवार घोषित किया है। बात करें उनके संगठनात्मक और राजनीतिक सफर का तो उन्होंने संगठन में लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है। आशुतोष तिवारी ग्वालियर-चंबल संभाग में पूर्व संभागीय संगठन मंत्री रहे चुके हैं। वे मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के पूर्व अध्यक्ष रह चुके है और तब उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। आशुतोष तिवारी संगठन में प्रकोष्ठों के समन्वय की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इस तरह वे भाजपा के सक्रिय संगठनकर्ता के रूप में लंबे समय से प्रदेश और संभाग स्तर पर कार्यरत रहे हैं और चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

नरोत्तम मिश्रा को मौक़ा नहीं

बता दें कि, इस विधानसभा सीट से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम की चर्चा थी। पूरी उम्मीद थी कि, पिछले चुनाव में मिली हार के बाद नरोत्तम मिश्रा को इस उप चुनाव में टिकट देकर पार्टी विधासनसभा के लिए मौक़ा देगी, हालाँकि अब जो नाम सामने आया है वह सभी के लिए चौंकाने वाला है। (Datia By Election BJP Candidate Ashutosh Tiwari) वही खबर यह भी है कि, पार्टी के इस फैसले से नाराज नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने भाजपा दफ्तर में नाराजगी जाहिर करते हुए हंगामा भी किया है।

क्या है भाजपा की ‘दतिया का दंगल’ जीतने की रणनीति?

बहरहाल दतिया सीट पर उपचुनाव को लेकर भाजपा ने आशुतोष तिवारी पर दांव खेला है। इसके पीछे 4 बड़े कारण बताये जा रहे है।

1. ब्राह्मण चेहरा + संगठन की पकड़

दतिया ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है। आशुतोष तिवारी आरएसएस और भाजपा संगठन के पुराने कार्यकर्ता हैं। जमीन पर पकड़ और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

2. युवा + स्वच्छ छवि

आशुतोष तिवारी युवा नेता हैं और उनकी छवि विवादों से दूर रही है। पार्टी को “नए चेहरे” के जरिए एंटी-इंकम्बेंसी और परिवारवाद के आरोपों को काटना था।

3. नरोत्तम मिश्रा फैक्टर को बैलेंस करना

पहले नरोत्तम मिश्रा इस सीट से विधायक थे। उनके मंत्री पद छोड़ने के बाद खाली हुई सीट पर भाजपा को ऐसा चेहरा चाहिए था जो नरोत्तम मिश्रा के वोट बैंक को भी साधे और नए वोटर को भी जोड़े। आशुतोष तिवारी संगठन के करीबी माने जाते हैं और नरोत्तम समर्थकों के साथ भी तालमेल रखते हैं।

4. कांग्रेस के स्थानीय समीकरण को काटना

कांग्रेस यहां पारंपरिक वोट बैंक और स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है। (Datia By Election BJP Candidate Ashutosh Tiwari) भाजपा को एक ऐसा उम्मीदवार चाहिए था जो स्थानीय मुद्दों पर बात कर सके, विकास का नैरेटिव चला सके और साथ ही केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचा सके।

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कांग्रेस का निशाना, कहा ‘हार तय है’

वही पार्टी के इस फैसले के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से इस पर प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने पर कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि, भाजपा ने जिस तरीके से नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटा है, इससे साबित हो गया है कि भाजपा वहां हारने जा रही है। पहले आला कमान ने नरोत्तम मिश्रा को शायद हरी झंडी दे दी थी इसलिए उन्होंने टिकट भी खरीद लिया था। वे कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहे थे। गांव-गांव जाकर माफी भी मांग रहे थे, लेकिन बाद में आला कमान को समझ में आ गया की सरकार विरोधी जो लहर है उसमें वह जीत नहीं पाएंगे। शैलेंद्र पटेल ने दावा किया है कि, दतिया में कांग्रेस जीतने जा रही है।

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दतिया उपचुनाव में भाजपा ने किसे उम्मीदवार बनाया है?

भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

नरोत्तम मिश्रा को टिकट क्यों नहीं मिला?

भाजपा ने आधिकारिक कारण नहीं बताए हैं।

रणनीतिक और संगठनात्मक कारणों की राजनीतिक चर्चा हो रही है।

आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाने के पीछे क्या वजहें बताई जा रही हैं? युवा चेहरा, संगठन पर पकड़, स्थानीय समीकरण और सामाजिक संतुलन प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं।