IIMUN Korba City Conference || Image- IBC24 News File
कोरबा: IIMUN (India’s International Movement to Unite Nations) द्वारा कोरबा सिटी कॉन्फ्रेंस के दूसरे संस्करण का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। यह तीन दिवसीय सम्मेलन न्यू एरा प्रोग्रेसिव स्कूल, कोरबा में आयोजित किया जा रहा है। (IIMUN Korba City Conference) उद्घाटन समारोह में लगभग 100 लोगों की उपस्थिति रही, जिनमें छात्र प्रतिनिधि, विद्यालय के शिक्षकगण एवं गणमान्य अतिथि शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान I.I.M.U.N. के उद्देश्य और कार्यशैली पर प्रकाश डाला गया, जिसमें युवाओं को नेतृत्व, कूटनीति और वैश्विक सोच के प्रति जागरूक करने की भूमिका को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लखन लाल देवांगन, छत्तीसगढ़ शासन में वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम मंत्री एवं कोरबा विधायक, ने संगठन के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि I.I.M.U.N. युवाओं को संवाद, आलोचनात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिकता के लिए सशक्त बना रहा है। उद्घाटन सत्र ने सम्मेलन के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण तैयार किया, जिससे प्रतिनिधियों में सक्रिय भागीदारी और विचारपूर्ण विमर्श की भावना विकसित हुई।
सम्मेलन के दूसरे दिन छात्रों ने मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN) के विभिन्न सत्रों में सक्रिय और गंभीर भागीदारी निभाई। इस दिन चार समितियाँ— संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO), इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ), छत्तीसगढ़ विधान सभा (CLA) और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) में गहन विचार-विमर्श हुआ। अध्यक्ष अधिकारियों ने नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी देते हुए प्रतिनिधियों को संसदीय और कूटनीतिक संवाद की मर्यादा से अवगत कराया।
छत्तीसगढ़ विधान सभा में “छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को जनजातीय अधिकारों और वन संरक्षण के साथ संतुलित करना” विषय पर तीखी बहस देखने को मिली। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुए संवाद में लोकतंत्र, जनजातीय अधिकार और विकास की दिशा को लेकर गंभीर सवाल उठे, जिससे विकास और सामाजिक न्याय के बीच मौजूद विरोधाभास स्पष्ट रूप से सामने आए। (IIMUN Korba City Conference) इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल समिति में फ्रैंचाइज़ क्रिकेट की भूमिका और वैश्विक क्रिकेट में समान अवसरों को लेकर चर्चा हुई। अपेक्षाकृत कम शक्तिशाली देशों ने संसाधनों और पहचान में असमानता का मुद्दा उठाया, जिस पर निष्पक्षता और समान अवसर देने का आश्वासन दिया गया।
UNESCO समिति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेज़ विस्तार के बीच सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण पर महत्वपूर्ण बहस हुई। प्रतिनिधियों ने युवाओं की भूमिका, AI आधारित संरक्षण उपायों और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए नवीन पहलों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
ICIJ समिति के पत्रकारों और फोटोग्राफरों ने विभिन्न समितियों की बहसों का विश्लेषण करते हुए दस्तावेज़ तैयार किए और अपने चित्रों के माध्यम से सम्मेलन की वास्तविक भावना को प्रस्तुत किया। दूसरे दिन की तीव्र और विचारोत्तेजक बहसों के बाद तीसरे दिन की शुरुआत शांत और सकारात्मक माहौल में हुई। UNESCO समिति में वैश्विक नियम-निर्माण में नैतिकता की भूमिका पर चर्चा जारी रही, वहीं मध्य-पूर्वी देशों ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी वैश्विक व्यवस्था में किसी एक सांस्कृतिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए। यह विमर्श सांस्कृतिक संतुलन और विविधता की आवश्यकता को रेखांकित करता रहा।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल समिति में फ्रैंचाइज़ क्रिकेट के समर्थक देशों, इसके विरोध में खड़े देशों और एक तटस्थ संस्था के रूप में ICC के बीच त्रिपक्षीय चर्चा हुई। इस बहस ने वैश्विक क्रिकेट में मौजूद असमानता, व्यावसायिक हितों और निष्पक्ष प्रशासन के बीच के तनाव को उजागर किया। खिलाड़ियों की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय क्रिकेट नीतियों पर भी गंभीर प्रश्न उठाए गए। (IIMUN Korba City Conference) छत्तीसगढ़ विधान सभा में पर्यावरणीय क्षति को कम करने और सतत कृषि विकास से जुड़ी नीतियों पर दलों के बीच टकराव देखने को मिला। पर्यावरण संरक्षण और किसानों के आर्थिक हितों के बीच संतुलन को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए, जिससे विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच बढ़ते तनाव की स्पष्ट तस्वीर उभरी।
इसी दौरान पत्रकारों ने एक समानांतर सम्मेलन आयोजित कर राजनीतिक रुखों, नीतिगत विरोधाभासों और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाए, जिसने लोकतांत्रिक विमर्श में मीडिया की भूमिका को मजबूती से सामने रखा। समापन अवसर पर आयोजन समिति और पीठासीन अधिकारियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न समितियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिनिधियों को वर्बल मेंशन, स्पेशल मेंशन, हाई कमेंडेशन और बेस्ट डेलीगेट जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए। बेस्ट स्कूल डेलीगेशन का पुरस्कार न्यू एरा प्रोग्रेसिव स्कूल ने प्राप्त किया। दिन का समापन “आई.आई.एम.यू.एन. गॉट टैलेंट” के साथ हुआ, जहाँ प्रतिनिधियों ने संवाद, कहानियों और अपनी प्रतिभाओं के माध्यम से सम्मेलन को एक यादगार अनुभव बना दिया।