छत्तीसगढ़ के धमतरी में मोटरसाइकिल सवार के साथ मारपीट, जांच समिति गठित

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छत्तीसगढ़ के धमतरी में मोटरसाइकिल सवार के साथ मारपीट, जांच समिति गठित

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  • Publish Date - June 8, 2026 / 08:32 PM IST,
    Updated On - June 8, 2026 / 08:32 PM IST

धमतरी, आठ जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मोटरसाइकिल सवार युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटना के आरोप के बाद पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

मोटरसाइकिल सवार का आरोप है कि जिले में देर रात वाहनों की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसके और उसके परिवार (पत्नी और बच्चे) के साथ मारपीट की।

यह घटना पांच जून को रात एक एवं दो बजे के बीच धमतरी के बाहरी इलाके में अर्जुनी थानाक्षेत्र में मुजगहन-पोटियाडीह बाईपास के पास हुई।

इस घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है।

वीडियो में जहां मोटरसाइकिल सवार ने पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह व्यक्ति सहयोग नहीं कर रहा था और जांच के दौरान पहचान के दस्तावेज नहीं दिखा पाया।

इस घटना के संबंध में कई वीडियो सामने आए हैं।

धमतरी के पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, इलाके में लूटपाट और असामाजिक तत्वों की आवाजाही की खबरों के बाद स्थानीय लोगों की मांग पर मुजगहन में नाका बनाया गया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले पर टिप्पणी करना मेरे लिए उचित नहीं होगा। हालांकि, हमने तीन पुलिस उपाधीक्षकों की एक समिति बनाई है, जिसने जांच शुरू कर दी है।’’

परिहार ने कहा कि अगर जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वीडियो में से एक में, मोटरसाइकिल सवार, पुलिस से उसे सड़क के बीच में रोकने का कारण पूछता हुआ दिख रहा है। उसका आरोप है कि एक अधिकारी ने उसकी मोटरसाइकिल बंद कर दी, जब वह फिल्म देखकर अपनी बेटी और पत्नी के साथ घर लौट रहा था।

उस व्यक्ति का यह भी दावा है कि एक पुलिसकर्मी ने उसे रात भर हिरासत में रखने की धमकी दी और वरिष्ठ अधिकारी के आने तक इंतजार करने को कहा। उसने एक पुलिस अधिकारी पर घटना की रिकॉर्डिंग शुरू करने से पहले थप्पड़ मारने का आरोप भी लगाया और कहा कि उसने यह साबित करने के लिए अपनी फिल्म का टिकट दिखाया था कि वह सिनेमाघर से घर लौट रहा था।

वीडियो में दिख रहा अधिकारी आरोप से इनकार करता है और पूछता है कि उसने उस व्यक्ति को कब थप्पड़ मारा था। बहस बढ़ने पर, मोटरसाइकिल सवार ने अधिकारी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया, जिसके बाद अधिकारी उसका मोबाइल फोन छीनने की कोशिश करते हुए उसका चेहरा पकड़ते हुए दिखाई दिया।

धमतरी के शहर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि रूटीन जांच के दौरान मोटरसाइकिल को रोका गया था, क्योंकि उसकी आगे की नंबर प्लेट टूटी हुई थी।

उन्होंने कहा कि रोके जाने के बाद मोटरसाइकिल सवार ने आरक्षकों से बहस की और कोई भी दस्तावेज दिखाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया।

चतुर्वेदी ने बताया कि इसके बाद अर्जुनी थान के प्रभारी चंद्रकांत साहू मौके पर पहुंचे और मोटरसाइकिल सवार से उसकी पहचान एवं देर रात यात्रा करने के कारणों के बारे में पूछताछ की।

आरोप है कि मोटरसाइकिल सवार ने अपने मोबाइल फोन पर वीडियो रिकॉर्ड करते हुए थाना प्रभारी से बहस जारी रखा और बार-बार उन्हें उकसाने की कोशिश की।

चतुर्वेदी ने दावा किया कि वह अपनी पहचान, गाड़ी या निवास से जुड़े दस्तावेज भी नहीं दिखा पाया।

उन्होंने बताया कि उस व्यक्ति ने अपनी पहचान आमदी इलाके के निवासी के तौर पर बताई और कहा कि वह धमतरी में फिल्म देखकर घर लौट रहा था।

चतुर्वेदी ने बताया कि उसने किराए के मकान में रहने का भी दावा किया, लेकिन स्थानीय थाने में किराएदारी की कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

पुलिस ने उसकी पहचान की पुष्टि करने के लिए आमदी इलाके के एक स्थानीय पार्षद से संपर्क किया और बाद में उसे अगले दिन पहचान, गाड़ी और किराएदारी से जुड़े दस्तावेज़ों के साथ पुलिस थाना आकर जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश देकर जाने दिया।

चतुर्वेदी ने मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि अधिकारियों ने केवल स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, जबकि मोटरसाइकिल सवार कथित तौर पर उन्हें उकसाने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, वह व्यक्ति अभी तक पुलिस थाना में पेश नहीं हुआ है और न ही उसने कोई दस्तावेज जमा किया है। हालांकि, उसके मकान मालिक ने रविवार को कागजात जमा किए, जिनमें उसकी पहचान एस किशोर के तौर पर बताई गई है।

भाषा सं संजीव राजकुमार

राजकुमार