बीजापुर में नक्सली खतरे को रोकने और विकास को बढ़ावा देने के लिए नया सुरक्षा शिविर स्थापित

बीजापुर में नक्सली खतरे को रोकने और विकास को बढ़ावा देने के लिए नया सुरक्षा शिविर स्थापित

बीजापुर में नक्सली खतरे को रोकने और विकास को बढ़ावा देने के लिए नया सुरक्षा शिविर स्थापित
Modified Date: February 10, 2026 / 05:55 pm IST
Published Date: February 10, 2026 5:55 pm IST

बीजापुर (छत्तीसगढ़), 10 फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर एक नया सुरक्षा शिविर स्थापित किया गया है ताकि सुरक्षा को मजबूत किया जा सके और माओवादियों की अंतरराज्यीय आवाजाही पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह शिविर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) की 20वीं बटालियन का अग्रिम परिचालन अड्डा होगा और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास कार्यों में भी तेजी लाएगा।

उन्होंने बताया कि ‘डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड’ (डीआरजी), जिला पुलिस और सीएएफ की संयुक्त टीम ने सोमवार को फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत पालसेगुंडी गांव में शिविर की स्थापना पूरी कर ली।

अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत इस शिविर की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य नक्सल विरोधी अभियानों को तेज करना और आंतरिक क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना है। दुर्गम भूभाग, सड़क संपर्क की कमी और खराब मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक अभियान को पूरा किया।

उन्होंने कहा कि नया शिविर स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, पेयजल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), मोबाइल कनेक्टिविटी, सड़कें और पुल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा। इससे माओवादियों की अंतरराज्यीय आवाजाही पर अंकुश लगाने और क्षेत्र में शांति एवं विश्वास को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को सुरक्षा बलों ने पालसेगुंडी के पास जंगलों में निर्मित एक माओवादी स्मारक को भी ध्वस्त कर दिया।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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