Naxalite Barse Deva: नए साल पर नक्सल संगठन को तगड़ा झटका! हिड़मा के करीबी खूंखार नक्सली बारसे देवा के सरेंडर की खबर, 50 लाख से ज्यादा का है इनामी

नए साल पर नक्सल संगठन को तगड़ा झटका! हिड़मा के करीबी खूंखार नक्सली बारसे देवा के सरेंडर की खबर News of the surrender of dreaded Naxalite Barse Deva

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  • Publish Date - January 1, 2026 / 08:43 PM IST,
    Updated On - January 1, 2026 / 08:43 PM IST

जगदलपुरः Naxalite Barse Deva: नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग से बड़ी खबर सामने आ रही है। शीर्ष नक्सली हिडमा के करीबी और पीएलजीए कमांडर बारसा देवा के सरेंडर की सूचना मिल रही है। बताया जा रहा है कि बारसा देवा ने अपने कुछ साथियों के साथ हैदराबाद में आत्मसमर्पण किया है। हालांकि अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस संबंध में आधिकारिक घोषणा एक-दो दिनों के भीतर की जा सकती है। बता दें कि बारसा देवा पर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। वह नक्सल संगठन के भीतर एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। हिडमा के एनकाउंटर के बाद बारसा देवा को पीएलजीए का कमांडर बनाया गया था। इसके बाद से वह संगठन की सैन्य गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहा था।

इस साल मार्च तक खत्म करना है नक्सलवाद

Naxalite Barse Deva: बता दें केंद्र सरकार देशभर से नक्सलियों को खत्म करने के लिए अभियान चला रही है. नक्सली या तो सरेंडर कर रहे हैं और जो समर्पण नहीं कर रहे हैं, अभी भी हथियार उठाए हुए हैं तो वो सुरक्षाबलों के हाथों एनकाउंटर में ढेर हो रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए मार्च 2026 तक का लक्ष्य रखा है. यदि सरेंडर की पुष्टि होती है तो इसे नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे बस्तर क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लग सकता है और शांति स्थापना की दिशा में अहम कदम माना जाएगा।

3 जिलों में बटालियन का ज्यादा प्रभाव

नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 को नक्सल संगठन की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है। इसी का कमांडर बारसे देवा है। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा इन 3 जिलों में बटालियन का ज्यादा प्रभाव रहा है। हालांकि, अब फोर्स ने इस टीम को काफी बैकफुट कर दिया है। इस टीम में AK-47, इंसास, SLR, स्नाइपर गन जैसे हथियारों से लैस सैकड़ों नक्सली थे। टेकलगुडेम, बुरकापाल, मिनपा, ताड़मेटला, टहकवाड़ा में नक्सलियों की इसी टीम ने बड़े हमले किए थे। जिसमें सैकड़ों जवानों की शहादत हुई है।