CG Dhan Kharidi Token Last Date/Image Source: IBC24 File
रायपुरः Paddy procurement in Chhattisgarh छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में अव्यस्थाओं के बहाने विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने सीधे-सीधे सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है। किसानों की दिक्कत और फोर्टीफाइड चावल टेंडर में 200 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप के साथ, किसानों की खुदकुशी के प्रयास को सामने रख विपक्ष सरकार पर 25 प्रतिशत किसानों को पूरा धान बेचने से वंचित बता रही है। इन सारे आरोपों को सत्तापक्ष ने खारिज किया है लेकिन सवाल ये है कि क्या विपक्ष के आरोप झूठे हैं या फिर सरकारी तंत्र सच्चाई पर पर्दा डाल रहा है?
Paddy procurement in Chhattisgarh इस सत्र में अब धान खरीदी के बस चंद दिन बचे हैं लेकिन धान खरीदी को लेकर पहले दिन से शुरू हुई शिकायतों का दौर अंतिम दिनों के आते-आते भी थमा नहीं है। टोकन से लेकर खरीदी धान खऱीदी और संग्रहण केद्रों पर किसानों की दिक्कत का हवाला देते हुए विपक्ष सरकार पर जमकर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने कहा कि धान खरीदी अव्यवस्था के चलते, सैंकड़ों किसानों को टोकन नहीं मिला, जिससे 25 % किसान तय रकबे का अपना पूरा धान भी नहीं बेच पाए हैं। कुछ किसान इस कदर परेशान हैं कि खुदकुशी करने जैसा कदम उठा रहे हैं। कांग्रेस की मांग है कि सरकार, धान खरीदी का समय बढ़ाए। वहीं, PCC चीफ दीपक बैज का आरोप है कि फोर्टीफाइड चावल टेंडर, अपने चाहतों को टेंडर देने के लिए नियमों को तोड़-मरोड़ कर 200 करोड का भ्रष्टाचार किया गया।
विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज करते हुए सरकार का दावा है कि किसान धीरज रखें एक एक दाना धान खरीदी होगी। सत्तापक्ष ने पलटवार कर कहा कि कांग्रेस धान खरीदी पर भ्रम फैला रही है, धान खरीद नियमित तौर पर जारी है। ये तो तय है कि इस साल धान खरीदी की पूरी व्यवस्था में कई नए सुधारों का दावा किया गया। एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों का रजिस्ट्रेशन, टोकन तुहंर द्वार ऐप से ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था और भुगतान का फुलप्रूफ मॉडल। दावा ये भी किया गया कि इस पूरी प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग हुई है, लेकिन प्रदेश भर से धान खरीदी को लेकर किसानो की शिकायतें बताती हैं कि सुधारों से किसानों को ज्यादा लाभ नहीं दिखा। अब सवाल है कि क्या वाकई नए प्रयोगों के साथ खऱीदी व्यवस्था से 25 प्रतिशत किसान अपना पूरा धान ना बेच पाए हैं?