Chhattisgarh Bribery Case: छत्तीसगढ़ में प्रिंसिपल और लिपिक गिरफ्तार, ACB ने इतने हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, जानें किस काम के मांगे थे घूस

Chhattisgarh Bribery Case: छत्तीसगढ़ में प्रिंसिपल और लिपिक गिरफ्तार, ACB ने इतने हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, जानें किस काम के मांगे थे घूस

Chhattisgarh Bribery Case: छत्तीसगढ़ में प्रिंसिपल और लिपिक गिरफ्तार, ACB ने इतने हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, जानें किस काम के मांगे थे घूस

Chhattisgarh Bribery Case: छत्तीसगढ़ में प्रिंसिपल और लिपिक गिरफ्तार, ACB ने इतने हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, जानें किस काम के मांगे थे घूस /image: IBC24 File

Modified Date: September 3, 2026 / 05:32 pm IST
Published Date: September 3, 2026 5:29 pm IST
HIGHLIGHTS
  • जांजगीर-चांपा में प्रिंसिपल और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी गिरफ्तार
  • वेतन वृद्धि के एरियर की राशि निकालने के एवज में मांगी थी 10 हजार की रिश्वत
  • ACB बिलासपुर की ट्रैप कार्रवाई में दोनों आरोपी रंगे हाथों पकड़े गए

जांजगीर-चांपा। Chhattisgarh Bribery Case: छत्तीसगढ़ में घूस लेने के मामले में एसीबी की लगातार कार्रवाई जारी है, इसी कड़ी में बिलासपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB Trap Action Bilaspur) ने जांजगीर-चांपा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला किरारी की प्राचार्य अंजुला सोनी और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विकास मसीह को 10 हजार रुपये रिश्वत (Janjgir Champa Bribery Case) लेते धर दबोचा है। दोनों आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की गई है।

ACB के जाल में ऐसे फंसे दोनों (Principal Arrested)

Chhattisgarh Bribery Case बताया जा रहा है कि दोनों पर एक कर्मचारी से वेतन वृद्धि के एरियर की राशि निकालने के एवज में रिश्वत मांगी थी। जानकारी के मुताबिक, संबंधित सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी से वेतन वृद्धि के बाद मिलने वाली एरियर राशि (Salary Arrears Bribery Case) निकालने के लिए 10 हजार रुपये घूस (Rs 10000 Bribe Case) की डिमांड की। जिसके बाद कर्मचारी ने इसकी शिकायत ACB से की। जांच में सतयापन सही पाए जाने पर ACB बिलासपुर ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

ACB की टीम ने फिल्मी स्टाइल में पकड़ा (Chhattisgarh Corruption News)

Chhattisgarh Bribery Case योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर भेजा गया। जैसे ही प्रिंसिपल अंजुला सोनी और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विकास मसीह ने 10 हजार रुपये की रकम ली, ACB की टीम ने फिल्मी स्टाइल में दोनों को पकड़ लिया। रिश्वत की रकम भी बरामद की गई।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.